
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री ने महल में एक स्वागत समारोह में भूटान नरेश महामहिम जिग्मेखैसर नामग्येल वांगचुक से भेंट की। प्रधानमंत्री ने भूटान नरेश से भेंट के बाद प्रधानमंत्री तोबगे से भी मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों की उष्मा को दर्शाता है। उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा को सफल बनाने वाले व्यक्तियों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की ओर से आयोजित भोज में भाग लेने के दौरान मोदी ने कहा, 'खुशहाली की गारंटी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आपको कैसे पड़ोसी मिलते हैं। कभी-कभी आपको ऐसे पड़ोसी मिलते हैं कि सारी खुशहाली और समृद्धि होते हुए भी आप शांति से नहीं रह सकते हैं।'
मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों की बी-टू-बी अर्थात भारत से भूटान के रूप में व्याख्या की।
प्रधानमंत्री भारत को भूटान के सुविधा प्राप्त साझीदार माने जाने पर संतोष जाहिर किया और यह रेखांकित किया कि उनकी सरकार इन मजबूत संबंधों का पोषण ही नहीं करेगी इनको और मजबूत भी करेगी।
प्रधानमंत्री ने व्यापक शैक्षणिक संपर्कों की संभावनाओं पर जोर दिया और भारत में भूटानी छात्रों को दी जा रही छात्रवृत्ति को दोगुना करने का सुझाव दिया। भारत 2 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी सूचित किया कि भारत उसे एक पुस्तकालय स्थापना में भी सहायता करेगा जो भूटानी छात्रों की 20 लाख पुस्तकों और पत्रिकाओं तक पहुंच बनाएगा।






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