निगम द्वारा बस स्टैण्ड की नीलामी पर लगी रोक

कोसीकलां नगर पालिका को मिला नीलामी पर स्टे

मथुरा। परिवहन निगम द्वारा कस्बा कोसी के बस स्टैण्ड की करोडों की जमीन को हथियाने की मंशा पर न्यायालय ने विराम लगा दिया है। जमीन को लेकर पालिका और परिवहन निगम में चली रही खींचतान का मामला न्यायालय में विचाराधीन था जिसमें न्यायालय ने पालिका को राहत देते हुए स्टे देते हुये बस स्टैण्ड की नीलामी पर रोक लगा दी है। 

ज्ञातव्य हो कि नगर कोसीकलां के एकमात्र बसस्टैण्ड पर किसी भी बस के न आने के कारण वह डग्गेमारों एवं पशुओं का आरामगाह बनकर रह गया था। बस स्टैण्ड में कार्यरत कुछ कर्मचारी डगगेमारों से माहवार सुबिधा शुल्क लेकर धडल्ले से कमाई कर रहे थे। इतना ही नही उक्त कर्मचारियों ने बस स्टैण्ड के अन्दर एक केले के गोदाम को भी चलवा रखा था जो कि परिवहन निगम के कर्मचारियों का मोटी आय का एक और साधन बना हुआ था। लेकिन परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों की नजर में इस बस स्टैण्ड से कोई आय प्राप्त नहीं हो पा रही थी। जिस कारण आलाधिकारियों ने इसे नीलाम करने के मन बना लिया और घोषणा भी कर दी कि उक्त बस स्टैण्ड को नीलाम किया जाऐगा। जब नीलामी की सूचना पालिका को हुइ तो पालिका ने बस स्टैण्ड की जमीन को अपनी बताकर परिवहन निगम द्वारा बस स्टैण्ड नीलामी की राह में रोडा अटका दिया। परिवहन निगम और पालिका में इस बात को लेकर लम्बे समय से खीचतान चलती रही और आखिर मंे यह मामला न्यायालय तक पहुंच गया। 

पालिकाध्यक्ष भगवत प्रसाद रूहेला ने बताया कि परिवहन निगम और पालिका के बीच बस स्टैण्ड की जमीन को लेकर मामला न्यायालय मे विचाराधीन था जिसमें न्यायालय द्वारा सुनवाई करते हुए परिवहन निगम से जमीन सम्बन्धित कागजात पेश करने के लिए कहा गया लेकिन परिवहन निगम कोई भी कागजाद पेश नहीं कर सका और पालिका द्वारा उक्त जमीन से सम्बन्धित सारे साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मजवूत दावा पेश किया जिसे संज्ञान लेते हुए जिला न्यायालय के न्यायमूर्ति मुकेश खण्डेलवाल ने पालिका को राहत देते हुए स्टे दे दिया है। जिसमंे परिवहन निगम द्वारा बस स्टैण्ड की करोडों की जमीन को नीलाम करने पर रोक लगा दी है। पालिका ने माननीय न्यायालय के इस कदम का स्वागत किया है। 


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