निरीक्षण के बावजूद मीडिया से सच छिपाते नजर आये एडीजी क्राइम व डीजी जेल

-भारी सुरक्षा के बीच टौंटा का शव हाथरस भेजते हुए

मथुरा। मथुरा में जेल से सड़क तक चली अंधाधुन्ध गैंगवार की सनसनीखेज वारदात ने जहां जनपद की ध्वस्त कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है वहीं आज यहां निरीक्षण करने पहुंचे एडीजी क्राइम और डीजी जेल ने नागरिक और जेल पुलिस की नाकामी को छिपाते हुए मीडिया के सामने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। हैलीकाॅप्टर से पुलिस लाइन उतरे दोनों अधिकारी पहले सीधे सर्किट हाउस पहुंचे यहां उन्होंने जिला प्रशासन के साथ गुप्त बैठक की। यहीं उन्होंने मीडिया से कहा कि वे जेल का निरीक्षण करने के बाद ही कुछ बता पायेंगे। लेकिन जिला कारागार पहंुचे दोनों ही अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद भी इस मामले में कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। इससे इन अधिकारियों के निरीक्षण पर संन्देह के घेरे साफ नजर आ रहे है। 

विदित हो कुख्यात अपराधी बृजेश मावी की कुछ महीनों पूर्व हुई हत्या के आरोप में कुख्यात अपराधी राजेश टौंटा मथुरा जेल में निरूद्ध चल रहा था। विगत रोज मथुरा जिला जेल में राजेश टौंटा और उसके साथियों की जेल में ही मौजूद एक अन्य गैंग के अपराधियों से गैंगवार हो गयी। गैंगवार की इस घटना में बन्दी अक्षय सोलंकी की जेल में ही मौत हो गयी जबकि राजेश टौंटा, राजकुमार उपाध्याय एवं दिनेश कुमार घायल हो गये जिन्हें उपचार के लिये नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। देर रात्रि मात्र 13 सुरक्षाकर्मियों के साथ राजेश टौंटा को जिला अस्पताल से आगरा के लिये रैफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही टोल टैक्स से पहले द्वापर रिसोर्ट के पास करीब दर्जन भर बदमाशों ने पुनः राजेश टौंटा पर हमला बोल दिया। इस हमले में राजेश टौंटा की गोली लगने से मौत हो गयी। जिसका आज पुलिस और पीएसी के जवानों की भारी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। 

इस घटनाक्रम के बाद आज यहां निरीक्षण करने पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एच0सी0 अवस्थी और कारागार पुलिस महानिदेशक आर0आर0 भटनागर हैलीकाॅप्टर से पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउण्ड पर उतरे जहां से वे सीधें सर्किट हाउस पहुंचे और जनपद के आलाधिकारियों से वार्ता कर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। यहां पूछने पर उन्होंने बताया कि वे मीडिया से कुछ भी कहने से पहले जेल और घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे इसी के बाद कुछ बता पायेंगे। लेकिन यहां से जेल पहुंचे दोनों ही अधिकारी जेल से निरीक्षण करने के बाद सीधें अपनी गाडि़यों में बैठते हुए मीडिया से ये कहते नजर आये नो कमेन्ट्स नो कमेन्ट्स। मथुरा में नागरिक और जेल पुलिस की नाकामी की सनसनीखेज वारदात के बारे में अपने निरीक्षण के बाद भी दोनों ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपनाया गया ये रवैया मथुरा के साथ साथ सूबे की कानून व्यवस्था पर भी इन अधिकारियों की गम्भीरता पर सवालिया निशान लगाता है। वे यहां से निरीक्षण के उपरान्त सीधे आगरा निकल गये। 


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