एक बार पंडित मोती लाल नेहरू को तेज जुकाम हो गया। स्वदेशी आंदोलन का दौर था और उस समय महात्मा गांधी के आह्वान पर सभी लोग खादी के प्रयोग को प्राथमिकता दे रहे थे। इसके चलते मोती लाल नेहरू भी खादी का रुमाल प्रयोग में ला रहे थे। खादी का रुमाल चूंकि खुरदरा होता है तो इस वजह से उनकी नाक लाल हो गई थी।






Related Items
राहुल गांधी का 'ऑपरेशन सिंदूर' भाषण : सियासी चाल या कूटनीतिक चूक?
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर खादी परिधानों की हुई बंपर बिक्री
भारत में सशक्त हो रहे हैं खादी के पारम्परिक उद्योग