भगवान रंगनाथ का रथ खींचकर लाखों श्रद्धालुओं ने लिया बैकुण्ठ जाने लाभ
वृन्दावन। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध रथ के मेले में भगवान रंगनाथ जी रथ खींचकर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्यार्थ लिया, भक्ति का ऐसा जन सैलाव भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में होली के बाद चैत्र मास में प्रत्येक वर्ष लगने वाले इस मेले में देखा जा सकता है। आस-पास के क्षेत्रों सहित देश के विभिन्न स्थानों के लाखों श्रद्धालु इस भक्ति धारा में सराबोर होते हैं। प्रातः काल से ही भीड उमडने लगती है, देखते-देखते ही सम्पूर्ण मेला परिसर जन सैलाव के रूप में परिवर्तित हो जाता है। विद्धानों के अनुसार 60 फुट ऊंचे चंदन की लकडी से दक्षिणी कलाकृतियों से बने इस रथ को जो मनुष्य खींचता है उसे बैकुण्ठ की प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त होता है। दस द्विवसीय लगने वाले रथ के मेले में झूला, जादूई खेल आदि बच्चों व बडों को खूब भाते हैं। मेले में मथुरा जनपद सहित अन्य आस-पास के क्षेत्रों आने वाले लोगों को जलेबियंा अखिक पंसद होती हैं, जिस कारण यहां दर्जनों से ज्यादा मेले में लगी दुकानों पर बेहतरीन जलेबी बनाई जाती हैं। साथ ही खैल-खिलोंनों की दुकान एवं अन्य सैकडों विभिन्न वस्तुओं स्टालें सजा धजा कर लगाई जाती हैं जिनमें मेले में आने वाले श्रद्धालु बडे ही उत्साह के साथ खरीददारी करते हैं।





