
श्रीमद् भागवत कथा जीवन का सच्चा मूल- सोमदत्त दीक्षित
गोवर्धन आन्यौर परिक्रमा मार्ग के सीताराम आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा शुभारंभ से पूर्व निकाली गई कलश शोभायात्रा में भक्तगण
गोवर्धन। गिरिराज तलहटी स्थित सीताराम आश्रम में आज नगर मे निकाली गयी भव्य कलश शोभायात्रा के साथ ही रसमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा आरम्भ से पूर्व निकाली गयी शोभायात्रा भजन संकीर्तन करते हुए बैण्ड बाजों के साथ निकाली गई। गिरिराज दानघाटी मंदिर से शुरू होकर चली शोभायात्रा परिक्रमा मार्ग से होते हुए निकाली गई और अन्त में गिरिराज तलहटी स्थित सीताराम आश्रम पहुंची। जहां श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर कथा व्यास सोमदत्त दीक्षित महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन का सच्चा मूल और परम ब्रम्ह की शाश्वत उपासना माध्यम है। ये भगवान का साकार स्वरूप और लौकिक संसार से अलौकिकता का पथ प्रदर्शक धर्मग्रन्थ है। भक्त को तीर्थ के अंदर आकर कभी दोष नहीं देखना चाहिए। हमेशा संतो के चरणों में ध्यान लगायें। संत किसी को कष्ट नहीं देते हैं। संत ठाकुर दास बाबा ने हमेशा ब्रजवासियों की कुटिया में रहकर भजन ध्यान किया। उनके गौ सेवा भाव के लिए हम ब्रजवासियों को संकल्पित रहना चाहिए। कथा के आयोजक राम अवतार सिंगला परिवार ने आरती उतारकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया। कथा में संत नृत्यगोपाल दास, नवरतन बाबा बद्रीनाथ वाले, आदि उपस्थित थे।






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