भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी हेमा मालिनी के मथुरा पहुँचने पर हुआ जोरदार स्वागत

जगह जगह दर्जनों स्थानों पर हुआ भाजपा प्रत्याशी का जोरदार स्वागत 

भारी गर्मी और भीड़ के तेवर देख हेाती रही सिने तारिका परेशान

गोवर्धन में भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी अपनी कार से निकलकर लोगों का अभिवादन करती हुई

मथुरा। मथुरा वृन्दावन से मेरा काफी पुराना लगाव है। मै पिछले कई वर्षो से यहां आकर रह रही हूँ। इस समय देश में मोदी की इतनी बड़ी लहर चल रही है के मेरे मन में भी चुनाव लड़ने का विचार आया। इसी दौरान पार्टी ने मुझसे चुनाव लड़ने के स्थान के बारें में पूछा तो मैने मथुरा कों चुना। उक्त विचार भाजपा की मथुरा से लोकसभा क्षेत्र की प्रत्याशी हेमा मालिनी ने अपने प्रथम बार गिरिराज धाम गोवर्धन आगमन पर पत्रकारों के समक्ष व्यक्त किये। अपने निर्धारित समय से कई घण्टे देरी से से गोवर्धन धाम पहंुची सिने तारिका श्रीमती मालिनी का यहां गिरिराज पूजा करने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया। भीड़ अधिक होने एवं तेज धूप से परेशान भाजपा प्रत्याशी ने गिरिराज पूजन करने के अलावा गिरिराज जी के मन्दिर में दर्शन करना भी मुनासिब नहीं समझा। इसे लेकर स्थानीय धर्मावलम्बियों में आक्रोश भी पैदा हुआ जो जल्द ही शान्त भी हो गया। भाजपा प्रत्याशी के काफिले ने दिल्लीे से सड़क मार्ग द्वारा कोटवन बार्डर से जनपद में प्रवेश किया जहां बार्डर पर स्थानीय भाजपाईयों के साथ साथ जनपद भर के बड़े भाजपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बैण्ड बाजों की धुन पर ही उनका काफिला यहां से कोसी पहुंचा। वहां भी उनका भाजपाईयो ंने जोरदार स्वागत किया। श्रीमती मालिनी का काफिला यहां से नन्दगांव बरसाना होते हुए पलसों गांव पहुंचा जहां स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने जब उनसे कार से नीचे उतरकर आने को कहा तो उन्होने अपना काफिला आगे बढा दिया। जो सीधे नीमगांव जाकर रूका यहां श्री मालिनी ने गाड़ी में से ही ऊपर निकलकर ग्रामीणों का अभिवादन किया। लेकिन इसी बीच पलसों के ग्रामीणों के आक्रोश के चलते उन्हें अपने काफिले के साथ वापिस लौट कर पालसों जाना पड़ा। तब कहीं जाकर ग्रामीणों का आक्रोश शान्त हुआ। यहां से श्रीमती मलिनी सीधे गिरिराज धाम गोवर्धन पहुंची यहां उन्होने डीग अडडा से कस्बे में प्रवेश करने के दौरान ही वे अपनी गाड़ी में निकलकर ऊपर की ओर खड़ी हो गयी और लोग उनसे और वे लोगों से अभिवादन करती हुई दानघाटी मन्दिर पहुंची। जहां उनका पूर्व से निर्धारित गिरिराज पूजा का कायक्रम प्रस्तावित था लेकिन अधिक भीड़ एवं तेज धूप होने से परेशान भाजपा प्रत्याशी ने गिरिराज पूजन करना तो दूर गिरिराज महाराज के दर्शन करना भी मुनासिब नहीं समझा। यहां वे सरस्वती स्कूल, दानघाटी, सौंख अडडा, बस स्टैण्ड होती हुई एकता धर्मशाला में आराम करने रूक गयी। करीब दो घण्टे तक आराम करने के बाद मीडिया से मुखतिब हुई श्रीमती मालिनी ने कहा कि यहां से चुनाव जीतने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह तो मथुरा के लोगों का प्यार है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ कि उनके वे मुझे अपना भरपूर समर्थन देंगे। मैंने राज्यसभा से सांसद रहने के दौरान यहां के स्कूलों और सड़कों के लिये सब कुछ किया है और में बहुत कुछ और करने को यहां के लिये लगातार मांग करती रही हूँ। यहां पहले भी बहुत कुछ हो जाना चाहिये था लेकिन अभी तक नही हुआ है। इससे मैं बहुत दुःखी हूँ। मथुरा और यमुना के लिये मेरे पास करने को बहुत कुछ है जिसके बारे में मैं फिलहाल नहीं बता बता सकती। मैं पद पाने की लालसा भी नही रखती हूँ। हार जीत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हार जीत को हमने फिल्मों में अक्सर देखा है कुछ फिल्में हिट होती है और कुछ फ्लाॅप हो जाती है उसी तरह मुझे यहां से चूनाव हारने या जीतने की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि वृन्दावन में बिना श्री राधा जु की अनुमति के न तो कोई आ सकता है और न ही कोई जा सकता है। मुझे पार्टी ने और मथुरा वासियों ने यहां के लिये चुना है तो ये भगवान राधा कृष्ण ही चाहते है कि मैं यहां आउँ औैर यहां से चुनाव लड़ूँ। वास्तव में मथुरा का ये लोकसभा चुनाव बहुत ही ऐतिहासिक होगा। यहां से श्रीमती मालिनी का काफिला अड़ीग, खामिनी, सतोहा, होते हुए मथुरा पहुंचा जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, पूर्व मंत्री रविकान्त गर्ग, ज्ञानेन्द्र सिंह राणा, हरिओम शर्मा, सियाराम शर्मा आदि भाजपाई मौजूद रहे।

गिरिराज पूजा न करने पर आक्रोशित हुए लोग

भाजपा की स्टार प्रचारक सिने तारिका और मथुरा से पार्टी की लोकसभा क्षेत्र प्रत्याशी हेमा मालिनी के चुनाव को लेकर मथुरा में प्रथम बार आगमन का शुभारम्भ दानघाटी मन्दिर में गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना कर होना प्रस्तावित था। लेकिन श्रीमती मालिनी कोटवन बार्डर से नन्दगांव बरसाना से अपनी कार में आते हुए गर्मी और भीड़ से इतनी अधिक परेशान हो गयी कि उन्होनें दानघाटी मन्दिर पर भीड के तेवर देख वे वहां पर गाड़ी से उतरते ही पुनः गाड़ी में बैठ कर आगे की ओर बढ गयी। यहां उन्होंने पूजन करना तेा दूर उन्होने गिरिराज जी महाराज के दर्शन करना भी मुनासिब नहीं समझा। इससे धर्मावलम्बियों में उनके खिलाफ आक्रोश पनप गया। जिसे बमुश्किल शान्त कराया जा सका।

जब हेमा के गाड़ी से न उतरने पर ग्रामीणों में पनपा रोष

अपने काफिले के साथ पलसों गांव से गुजरने के दौरान जब ग्रामीणों ने गाड़ी में ऊपर की ओर निकल कर आयी सिने तारिका हेमा मालिनी से नीचे उतरकर ग्रामीणो को सम्बोधित करने की गुजारिश की तो इस पर वे गाड़ी में बैठकर अपने काफिले के साथ आगे की ओर बढ़ गयी। इससे ग्रामीणों का रोष पनप गया और उन्होने हेमा और भाजपा विरोधी नारेबाजी आरम्भ कर दी। सिने तारिका का काफिला जब नीमगांव पहुंच गया तो पार्टी नेताओं को पलसों गांव के विरोध की जानकारी हुई तो वे पुनः काफिले को वापिस लेकर पलसों पहुंचे जहां हेमा ने इस बार गाड़ी से नीचे उतरकर लोगों को सम्बोधित किया।


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