मथुरा। रेलवे पुलिस ने तलवारबाजी के नैशनल खिलाड़ी को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पत्नी के मुताबिक उसकी तबीयत खराब थी इसलिए उनके पति होशियार सिंह महिला कोच में उनके साथ आए थे। रेलवे पुलिस के जवानों ने वहां रुकने के लिए होशियार सिंह से दो सौ रुपये मांगे। होशियार सिंह ने जब रुपये देने से मना किया तो दोनों के बीच बहस होने लगी। बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने होशियार सिंह को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही होशियार सिंह की मौत हो गई। बताते हैं कि खिलाड़ी मथुरा के जमुनापार के लक्ष्मी नगर प्रीति बिहार का रहने वाला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीआरपी के सिपाहियों ने उससे रिश्वत मांगी। इनकार करने पर प्लेयर को ट्रेन से फेंक दिया। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जानकारी के मुताबिक फेंसिंग के नेशनल प्लेयर होशियार सिंह उर्फ राॅकी (23) पत्नी ज्योति सिंह और मां शशि सिंह के साथ कासगंज आए थे। वहां उनके सात माह के बेटे युवराज का मुंडन था। लौटते वक्त पत्नी की तबियत खराब हो गई। पत्नी महिला कोच में थीं। होशियार सिंह उन्हें देखने महिला कोच में गए। वहां जीआरपी के दो सिपाहियों से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि जीआरपी का स्टाफ होशियार से महिला कोच में बैठने की इजाजत देने के लिए 200 रुपए की रिश्वत मांग रहा था लेकिन होशियार ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद जीआरपी स्टाफ ने होशियार को चलती ट्रेन से फेंक दिया। होशियार की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इनमें जीआरपी के दो सिपाही और एक बुकिंग क्लर्क शामिल है। दोनों सिपाही फरार हैं। होशियार मथुरा के रहने वाले थे। उन्होंने 2005 में केरल में हुए अंडर-17 नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। होशियार की पत्नी का आरोप है कि गाड़ी रुकने पर गुस्साए पैसेंजर जीआरपी के सिपाहियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन एक बुकिंग क्लर्क ने दोनों की वहां से भागने में मदद की। दूसरी ओर, जीआरपी के एक अफसर ने होशियार सिंह की फैमिली के आरोपों को गलत बताया है। अफसर ने कहा कि होशियार प्लेटफार्म पर पानी लेने उतरा था लेकिन वापस ट्रेन में चढ़ते वक्त वह हादसे का शिकार हो गया।





