
पद्मश्री कृष्णा कन्हाई और गोविंद कन्हाई गीतांजलि भी शामिल
ब्रज के लोकनृत्य का कृष्ण लीलाओं के माध्यम से देश के साथ अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सजीव चित्रण करने वाली गीतांजलि शर्मा को प्रदेश सरकार ने यश भारती सम्मान से नवाजा है। बाल्यावस्था से ही लोक नृत्य के क्षेत्र में महारथ हासिल करने वाली गीतांजलि कत्थक में भी ख्याति प्राप्त कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने यश भारती सम्मान के लिए घोषित सूची में मथुरा के तीन नाम शामिल किए हैं। इसमें पद्मश्री कृष्णा कन्हाई और गोविंद कन्हाई को चित्रकला के लिए तो ब्रज लोकनृत्य के लिए गीतांजलि शर्मा को सम्मानित किया जाएगा। कृष्ण से बेहद प्रभावित गीतांजलि आठ वर्ष की आयु से ही नृत्यकला को अपनाए हुए हैं। उन्होंने अपने ब्रजलोक नृत्य के प्रदर्शन से न केवल देश के कला प्रेमियों को प्रभावित किया है बल्कि विदेश की धरती पर भी ब्रज लोक कला का गौरव बढ़ाया है। उन्हें दिल्ली संगीत नाटक अकादमी से उस्ताद बिसमिल्लाह खान और नेशनल यूथ स्कॉलरशिप अवार्ड भी मिल चुका है।
प्रख्यात मंचों पर दी प्रस्तुति
सिंगापुर, चाइना, मैक्सिको, लंदन और अमेरिका जैसे कई देशों में ब्रज लोकनृत्य का प्रदर्शन करने वाली गीतांजलि शर्मा ने देश में खुजराहो महोत्सव, ताज महोत्सव, झांसी महोत्सव, गंगा महोत्सव (बनारस), पंडित दुर्गालाल समारोह (मुंबई), लोकतरंग समारोह (दिल्ली) के साथ राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास पर भी मंच साझा किया है।
मां को समर्पित यश भारती
यश भारती सम्मान को अपनी मां निर्मलाचार्य को समर्पित करते हुए गीतांजलि शर्मा ने कहा है कि प्रारंभ में तो उन्हें रूढि़वादिता के चलते विरोध का सामना करना पड़ा था लेकिन मंच पर उनके बढ़ते कदमों को देख पिता डा. पीआर शास्त्री और दादी मां चिरंजीदेवी सहित सभी भाई-बहन का सहयोग मिला। आज उनकी छोटी बहन गायत्री शर्मा भी लखनऊ में संगीत यूनिवर्सिटी से शिक्षा पा रही है। खुद गीतांजलि शर्मा ने संस्कृत और साहित्य पुराण के साथ संगीत में भी एमए किया है।
मथुरा से तीन कलाकारों को यश भारती
मथुरा के पद्मश्री चित्रकार कृष्णा कन्हाई, उनके भाई गोविंद और नृत्यांगना गीतांजलि को यश भारती सम्मान मिल रहा है। आज नौ फरवरी को लखनऊ में यह सम्मान इन कलाकारों को दिया जाएगा।






Related Items
सबकी चेहती अक्षरा जल्द देंगी GOOD NEWS