मथुरा। मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र के विधायक एवं कांग्रेस विधान मण्डल दल नेता प्रदीप माथुर ने मथुरा को स्मार्ट सिटी में न आने पर अफसोस जताया है। उन्होंने इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन से बात की और कहा कि श्रीकृष्ण की नगरी को स्मार्ट सिटी में न शामिल करने से यहाॅ की जनता के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने स्वयं जेनर्म को यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाॅधी से विशेष रुप से अनुरोध कर 63 शहरों में शामिल कराया था। हालांकि प्रदेश सरकार की अर्कमण्यता एवं नगरपालिका की लापरवाही के कारण जेनर्म का काम मंे 1800 करोड़ में से मुश्किल से 15 फीसदी कार्य ही हो पाया है। मुख्य सचिव ने वार्ता में बताया कि नगरपालिका द्वारा भेजा गये आकड़ों से मथुरा उन शहरों में नही चुना जा सका जिनकी वजह से चुना जाना चाहिये था। विधायक ने बताया कि उन्होंने सांसद हेमा मालिनी से भी मुम्बई बात की और उनसे कहा कि कैसे भी हो नगरविकास मंत्री से कहकर मथुरा को स्मार्ट सिटी में शामिल कराना चाहिये भले ही उन्हें उन 13 शहरों में से एक शहर का नाम क्यों न कटवाना पड़े। माथुर ने यह भी बताया कि मथुरा के अधूरे पड़े सीवर का काम तथा गोकुल बैराज से मिलने वाले पेयजल की योजनायें अधूरी पड़ी हुई है। विधायक माथुर ने कहा कि मथुरा को स्मार्ट सिटी में शामिल न होने से यह इसकी प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। माथुर ने कहा कि मथुरा का स्मार्ट सिटी में शामिल होना यहाॅ आने वाले लाखों तीर्थ यात्रियों की सुविधा एवं बृज क्षेत्र के लिये विकास के लिये जरूरी बताया।





