महेन्दू फाउण्डेशन ने कामर में लगाया गया तीन दिवसीय नेत्रज्योति शिविर

जागरूकता से 80 लाख लोगों को दी जा सकती है रोशनी- हेमा मालिनी

मथुरा। स्व0 यशपाल महेन्द्रू द्वारा स्थापित महेन्द्रू फाउण्डेशन लोगों को नेत्रज्योति प्रदान करने के अभियान में निरन्तर जुटा हुआ हैं। ट्स्ट द्वारा अब तक लाखों मरीजों का उपचार कर पाॅच से अधिक नेत्र प्रत्यारोपण कराये जा चुके हैं। अपने पिता के इसी अभियान को सुपत्र अशोक महेन्द्रू और आनन्द महेन्दू निरन्तर आगे बढ़ा रहें हैं। इसी क्रम में संस्था के तत्वाधान में छाता क्षेत्र के गाॅव कामर में महेन्दू फाउण्डेशन के तीन दिवसीय मेघा आई कैम्प का उद्घाटन संासंद हेमा मालिनी ने किया। इस अवसर पर सासंसद हेमा मालिनी ने कहा कि नेत्रहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने की यह मुहिम दिल को छुनें वाली हैं। आॅखों के बिना जिन्दगी के एक दिन की कल्पना कर हम सिहर उठते है भारत में आज भी जानकारी नहीं होने और नेत्र दान की दर कम होने के चलते एक करोड़ 80 लाख लोग नेत्रहीन है इनमें 80 प्रतिशत वह लोग है जिनकी नेत्र ज्योति वापस लाई जा सकती हैं। संस्था के वर्तमान सदस्य अशोक मह्रेन्दु और आनन्द महेन्द्रू ने बताया कि वह अपने पिता की इस धरोहर को निरन्तर आगे बढा रहें हैं। भारत जैसे देश में नेत्रहीनों की इतनी वढ़ी संख्या कलंक की बात हैं। संस्था इसी को यान में रखतें हुए इस मुहिम को आगे बढ़ातें हुए नेत्रहीनों को नेत्र ज्योति प्रदान करने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि संस्था के मकसद अन्धा करने वाली उन बीमारियों कासे दूर करना है जिनका ईलाज मुमकिन हैं। संस्था ऐसी बीमारियों और उनके उपचार के बारे मेकं जनचेतना लाना चाहता हैं। मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मोतियाबिन्द का भयानक प्रकोप है लोगों को इसकी जानकारी नहीं हैं और ईलाज की सुकिधा नहीं होने का खामियाजा यह निर्दोष ग्रामीण भुगतते हैं। संसथा के मिशन में संस्था को आर्यवीर नेत्र चिकित्सालय और वाईपी मर्हेन्दू निरामर्य आई बैंक का उल्लेखनीय योगदान हैं। उन्होंने आश व्यक्त करते हुए कहा कि इस तीन दिवसीय कैम्प में कामर के आसपास के लगभग 5 हजार लोगों को उपचार मिल सकेगा। उन्होंने संसाद हेमा मालिनी के इस सेवा कार्य में भागीदारी करने पर आभर व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उक्त शिविर में आये चिकित्सक मोतियाबिन्द और आॅखों की अन्य बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञ है चिकित्सकों की टीम ने ऐसे रोगियों की पहचान की है जिनके मांतियाबिन्द का आॅपरेशन कर जिन्दगी में पुनः रोशनी लाने का भेरोसा हैं। उन्हें बताया कि परीक्षण के पश्चात महेन्द्रू फाउडेशन जरूरतमन्द मरीजों को निःशुल्क चश्मा व दवाईया भी देगा उन्होंने बताया कि हमारी पूरे भारत में एक सैकड़ा आई बैंक खोलनें की योजना है। संस्थान के सदस्यों ने भारत को नेत्रहीन मुक्त बनाने के लिए आगे वढ़कर नेत्रदान करने की अपील की है।


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