
भोलेश्वर उपमन्यु
फोटो-मोहित गौड़ / प्रभाकर
मथुरा। बाबा भोलेनाथ के रंग में रंगे श्रद्धालुओं ने भक्ति नई पटकथा लिख
दी। कैलाश की शीतला जमीन में उतार दी तो हरितमा का भी प्राकृतिक रूप
सौंदर्य साकार कर दिया। महिलाएं पीछे नहीं रही और उन्होंने भी शिव-शिवा
के स्वागत में पलक पावंडे बिछा दिए।
भक्त मंडल ने सावन महीने के दूसरे सोमवार को मिथलेश्वर महादेव मंदिर में
प्रभु उत्सव का आयोजन किया। श्रद्धा भक्ति से सराबोर युवाओं ने रविवार से
ही तैयारियां शुरु कर दीं। रात्रि में हरियाली से भरपूर वातावरण तैयार
करने के लिये हरी-हरी प्राकृतिक सामग्री एकत्रित की। सोमवार को सुबह
पूजा-अर्चना का दौर शुरु हो गया। दोपहर तक अभिषेक करने वालों का तांता
लगा रहा। अपरान्ह में शिव, शिवा,कार्तिकेय, गणेश एवं नंदीश्वर का मनोहारी
श्रंगार किया गया। बर्फ का बंगला सजाया। विद्युत से परिक्षेत्र जगमग
किया। मंदिर में आवागमन के दोनों रास्तों को हरियाली से मनोरम बनाया।
सूर्यास्त के समय सार्वजनिक भण्डारा शुरु हो गया तो देर रात तक निरंतर
चलता रहा। सायं वेला में महिलाओं एवं युवतियों ने भजन गायन कर प्रभु को
रिझाया। राया स्थित भोलेश्वर कालोनी में आयोजित भगवान मिथलेश्वर के इस
आयोजन में चौ. लक्ष्मण सिंह, सिद्धेश्वर उपमन्यु, राहुल शर्मा, सतेंद्र
सिंह, चौ. भवर सिंह, चौ. गुड्डू सिंह, चौधरी गणेश, बल्लू सिंह, राजेश
उपाध्याय, महावीर प्रसाद, श्यामवीर सिंह एड., रामू शर्मा, राहुल, मनोज,
इंद्रेश्वर उपमन्यु, गुड्डी देवी, सुरेश चंद्र शर्मा, श्याम शर्मा सहित
अनेक श्रद्धालुओं ने प्रमुख योगदान दिया।





