
मथुरा। भले ही पूरे देश में मोदी का स्वच्छता अभियान जारी है लेकिन मथुरा में इसका कोई असर नहीं है। मोदी के स्वच्छता अभियान को नगर पालिका परिषद मथुरा द्वारा धूल धूसरित किया जा रहा है। पालिका चेयरमैन के सफाई कर्मचारियों की मनमानी के चलते समूचे शहर के मौहल्लो गलियों गंदगी से अटी पड़ी है। सफाई कर्मचारी नालियों की खिंचाई बिल्कुल भी नहीं कर रहे है। इसके अलावा कूड़ा भी गली मौहल्लों में पूरी तरह नहीं उठाया जा रहा है। जिससे समूचा शहर नर्क में तब्दील हो गया है। चैबिया पाड़ा, कसाई पाड़ा, घीयामंडी, भरतपुर गेट, कठौती कुंआ, छगनपुरा, संतोषपुरा, मातागली, गोपालपुरा, असकुण्डा क्षेत्र, मानिक चैक, गजा पाइसा, झंडा चैराहा, बैरागपुरा, मसानी रोड, लाल दवाजा, जयसिंहपुरा, राधेश्याम कालोनी, आर्य समाज रोड, जनरल गंज, अंतापाड़ा आदि दर्जनों क्षेत्रों में गंदगी व्याप्त हैं। यहां सफाई कार्य पूरी तरह नहीं किया जा रहा है। सफाईकर्मी व जमादार भी लोगों द्वारा सफाई की कहने पर भद्दा व्यवहार कर रहे हैं। वहीं नौकरी किसी की है और दूसरा नौकरी कर रहा है। ऐसे भी हालात नगर पालिका में चल रहे शहर के बाजारों में पालिका ने जगह जगह डलाबघर, कूड़े घर बनवा दिये है। जिससे प्रमुख बाजारों में इन्हें देखा जा रहा सकता है। कोतवाली रोड पर घासीराम राम नारायण के घर के बराबर ट्रांसफार्मर के आगे कूड़े व गंदगी के ढ़ेर पर गायें विचरण कर रही हैं। वहीं आर्य समाज रोड पर नलकूप के नजदीक, स्वामी घाट चैराहे पर कूड़ा घर, भाटिया वाच कंपनी के सामने डलाबघर, कुशक गली के सामने कूड़ा घर, मसानी पर कूड़ा घर, असकुण्डा स्थित प्रसिद्ध राजाधिराज मंदिर के तिराहे पर कूडाघर आदि ऐसे स्थान है जो बाजारों में आते हैं। जहां पालिका ने शहर की गंदगी के स्थिति को उजागर कर रखा है। यहां तक पालिका के दफ्तर के बाहर भी गंदगी व्याप्त है। पालिका की चेयरमैन मनीषा गुप्ता तमाम पीडि़त क्षेत्रों के लोगों की आ रही शिकायतों पर भी गौर नहीं करती है। इससे साफ स्वस्ट है कि उन्हें सफाई के प्रति कोई चिंता नहीं है। यहां तक विद्युत केबिले डालने से हो रही गंदगी गड्ढो की तरफ भी पालिका चेयरमैन लापरवाह है।





