
ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुये अद्वितीय, अविस्मरणीय होगी 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा
श्री मान मन्दिर, श्री पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में यमुना मुक्ति का विगुल बज चुका है। यमुना मुक्तिकरण के कार्यकर्ताओं, श्री पुष्टिमार्गिय वैष्णवों एवं किसान कार्यकर्ताओं द्वारा पदयात्रा को भव्य और अद्वितीय बनाने के लिये दिन रात एक कर कार्य किये जा रहे है। यमुना मुक्तिकरण के अभियान के संयोजक सुनील सिंह ने पदयात्रा की तैयारियों व उसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुये बताया कि इस बार होने वाली पदयात्रा अपने आप में विश्व की अनूठी पदयात्रा होगी जिसमें यमुना मुक्ति का अडिग संकल्प लेकर चलते हजारो, लाखों की संख्या में यमुना भक्तों के साथ साथ पदयात्रा में ब्रज संस्कृति की छटा दिखाई देगी। मानो कि स्वयं ब्रज भूमि सचल हो अपनी शान और पहचान यमुना को लेने पदयात्रा में चल रही हो। उन्होने पदयात्रा की रूप रेखा पर प्रकाश डालते हुये बताया कि अभी तक तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा में 500 से 600 की संख्या में ट्रेक्टर और ट्राॅली रहेगी जिसमें ब्रज संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली सैकड़ो झांकियां चलेगी। यात्रा में एक गौशाला भी रहेगी जिसमें कम से कम 11 गाय साथ यात्रा में अग्रणी होकर चलेगी, इसके बाद घोडे, ऊॅट बुग्गी, बैल गाडी, चलेगी, यात्रा में प्रख्यात रसिया मण्डल भी साथ रहेगें, ब्रज में विराज रहे विभिन्न ठाकुर के छवि स्वरूप विग्रह भी यात्रा में साथ चलेगे। सहसंयोजक ने बताता कि यात्रा में पहलवानों की एक दंगल टोली भी सम्मिलित रहेगी इसके साथ ही ब्रज के गोसाई की टोली रहेगी जो समाज गायन और पद गायन कर ब्रज संस्कृति की छटा बिखेरेगे। ब्रज के संस्कृत के छात्र यात्रा में अपने पारम्परिक बेशभूषा के साथ वेद मंत्रोच्चारण करते हुये साथ रहेगें। पदयात्रा में रास मण्डली भी साथ रहेगी जो अपने नाट्य कौशल से ठाकुर जी के चरित्रों का चित्रण करेगें, ब्रज की पारम्परिक वेश भूषा पहने लोकगीत गायक कलाकार आदि मौजूद रहेगे। सहसंयोजक ने बाताया कि कुलमिलाकर यात्रा को ऐसे चलाया जायेगा जैसे सम्पूर्ण ब्रज शनैः शनैः दिल्ली की ओर बढा चला जा रहा हो। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में लाखों पदयात्रियों के साथ साथ ब्रज संस्कृति के अलग अलग रंग भी लोगो को देखने के लिये मिलेगें कहीं रसिया और फटके बाजी, तो कहीं समाज गायन, कहीं रास लीला तो कहीं कुश्ती के दांव पेंच, कहीं मथुरा के चैबों की चैपाल तो कही वेदपाठी ब्राह्मणों का मंत्रोच्चारण , कहीं हसी ठिठौली तो कहीं यमुना मुक्ति के तराने गूॅजेगे। इस बार की यात्रा अपने आप में अद्भुत, अविस्मरणीय और अद्वितीय होने वाली है जो यमुना को मुक्त कराकर ही लौटेगी।
छाता ब्लाक में किया जनसंपर्क सभा को सम्बोधित करते हुये कहा ‘ होेगी आर पार ’ की लड़ाई
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री जी द्वारा शनिवार को छाता ब्लाक के चिकसौली, राकौली, मानपुर , ढभाला, रूपनगर आदि गांवो में सघन संपर्क कर ब्रजवासियों को उनका धर्म याद दिलाते हुये कहा कि इस बार का आन्दोलन निर्णायक होने वाला अब आर या पार की लड़ाई होगी। ब्रजवासी अपनी मैया यमुना महारानी को मुक्त कराकर ही दम लेगें। चिकसौली में सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि यमुना का जितना हमारा धार्मिक महत्व है उतना ही भौतिक भी है। यमुना जल के विशाक्त होने के साथ साथ हमारे नीचे भूगर्भ का भी जल विशाक्त होता जा रहा है। यमुना के जहरीले जल के कारण जीवन, कृषि आदि सभी को हानि पहुॅच रही है आज हमारा सबसे बडा कर्तव्य बनता है कि हम यमुना की रक्षा करें क्योकि यमुना की रक्षा से ही धर्म, प्रकृति और संस्कृति की रक्षा होगी। इसलिये हे ब्रजवासियों यमुना की रक्षा के लिये उठो और जागो 15 मार्च को कोसी से दिल्ली चल यमुना की रक्षा में पूर्ण सहयोग दे। उपस्थित सभी ब्रजवासियों ने एक स्वर में कहा कि हम भी अपनी यमुना मां को स्वच्छ और निर्मल बहते देखना चाहते है और इसके लिये हम यमुना मुक्तिकरण के साथ मिलकर 15 मार्च को दिल्ली जायेगे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान की टीम मध्यप्रदेश में प्रचार के लिये रवाना
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री व सहसंयोजक सुनील सिंह अभियान के कार्यकर्ताओं के साथ मध्यप्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, झांसी और सागर के कई बडे इलाकों में अभियान को तीव्रता देने के लिये दो दिवसिय प्रचार दौरे पर शनिवार को रवाना हुये। अभियान की टीम द्वारा ग्वालियर, झांसी, सागर, मुरैना में बडी जन सभा कर लोगो से यमुना की रक्षार्थ 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का आवह्न किया जायेगा।
यमुना मुक्तिकरण अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई ने किया तेहरा में जन संपर्क
आज दिनांक 31 जनवरी को यमुना मुक्तिकरण अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई द्वारा अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ के नेतृत्व में तेहरा गांव पहुॅचे जहाँ पर टीम ने गांव वालो से 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का आवह्न किया गया। अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई द्वारा तेहरा गांव में गांववासियों की एक सभा आयोजित की गई जिसमें यमुना मुक्ति को लेकर चर्चा की गई। अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने यमुना की वर्तमान स्थिति से सभी ग्रामवासियों को अवगत कराया और कहा कि कभी जीवन देने वाला यमुना जल जल आज लाइलाज रोगों को जन्म दे रहा है, समय रहते हमें यमुना का शुद्ध अविरल प्रवाह लाना होगा वरना इसका परिणाम और भंयकर हो सकता है। हमारी मां यमुना ब्रज में नहीं है इसलिये उनके निर्मल प्रवाह को ब्रज में लाने के लिये संघर्ष करना होगा। गांवो ने उत्साह उमंग के साथ सभा में भाग लिया और संकल्प लिया यमुना को मुक्त कराने के लिये जी जान लगा देगे। गांव के कृष्णदास बाबा ने कहा कि सभी ग्राम वासियों को 15 को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने के लिये प्रेरित करेगें। इस अवसर पर राघव भारद्वाज, नीरज शर्मा, रामविनोद भट्ट , और लकी पंडित द्वारा भी ग्रामवासियों से यमुना को मुक्त कराने के लिये अभियान में बढ चढ कर भाग लेने की अपील की।





