विरक्त संत रमेश बाबा, गुरू शरणानन्द जी महाराज व संत विज्ञानाचार्य जी महाराज के सानिध्य में यमुना रक्षक दल अपने यमुना सफाई अभियान में निरन्तर लगा हुआ है। गुरूवार को जिला प्रशासन की जेसीबी के साथ साथ यमुना सफाई अभियान का आज का जिम्मा उठाते हुये चैधरी गंगेश्वर प्रसाद सिंह एडवोकेट द्वारा जेसीबी व टेक्टर चलवाये गये। सफाई अभियान के तहत् घाटों के सामने मिट्टी हटाकर घाटों से तल को थोडी गहराई दी जा रही है। दुसरी तरफ घाटों के सामने से मिट्टी उठाकर कंस किले के पीछे डालकर मथुरा परिक्रमा मार्ग को दुरूस्त भी किया जा रहा है। सफाई कार्य में लोग भारी उत्साह के साथ श्रमदान कर रहे है उनका कहना है कि इन घाटों के दशकों के बाद दर्शन हुये है घाटों को पुनः देखकर हम भक्तों मे बहुत हर्ष है जब तक सफाई कार्य चलता रहेगा यमुना भक्तों के द्वारा इसी तरह श्रमदान कर अपनी यमुना मैया की सेवा की जायेगी। यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि सरकारी तंत्र अनदेखी के कारण यमुना के साथ- साथ उसके प्राचीन घाटों को भी दुर्दशा हो गयी हैं। जो घाट कृष्ण काल की लीलाओं की स्मृतियां सजोये थे उनको वक्त धूल ने मिट्टी में दफन कर दिया था। यमुना भक्तों के सहयोग से यमुना सफाई अभियान के जरिये ये घाट पुनः दिखाई देने लगे है अब जल्द ही यमुना भक्तों के सहयोग से इन घाटों पर शुद्ध यमुना जल कल कल करता बहेगा।
यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष राकेश यादव व संगठन मंत्री रमेश सिसौदिया ने कहा कि गउघाट पर सफाई अभियान से पहले यहां के घाटों का अधिकांश भाग कचरें के ढेरो में समा चुका था परन्तु अब ब्रजवासियों के सहयोग से ये पुनः चमचमाने लगे है। ब्रजवासियों के इसी प्रकार के सहयोग सरकारों को मजबुर हो यमुना जल ब्रज के लिये छोड़ना पडेगा।
चैधरी गंगेश्वर प्रसाद सिंह एडवोकेट ने कहा कि ब्रजवासी का कर्तव्य है कि वे अपने मन, श्रम व धन से यमुना मैया की सार्मथ अनुसार सेवा करें। यमुना सभी की है और उनका हथिनी कुण्ड पर कैद रहना ब्रज के सम्मान की बात नहीं है इसलिये सभी ब्रजवासियों को एकजुट हो यमुना आन्दोलन में सहयोग करना चाहिये।
ठस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्टिय सचिव अब्दुल जब्बार, नगर महामंत्री शरद वर्मा नगर प्रभारी त्रिलोकी व्यास, नगर सचिप डाॅ. सुनील अग्रवाल, हिन्दुजागरण मंच के जिलाध्यक्ष पंकज पंडित, पवन जी कटाई वाले, अनिल चतुर्वेदी, गोलू शर्मा, विवेक शर्मा, मदन व्यास, राजू पेन्टर, बलराम शर्मा, केशव अग्रवाल, गोपाल पाण्डे, मिन्टू शर्मा, राधाबिहारी गोस्वामी, राकेश शर्मा, सत्या चचे, भोला पंडित दुर्गी चाचा, आदि उपस्थित थे।





