
गोवर्धन संत निवास पर रामानुजाचार्य जयंती महोत्सव का दीप प्रज्वलित करते संत
गोवर्धन। राधाकुंड परिक्रमा मार्ग के संत निवास पर सोमवार को रामानुजाचार्य जयंती वार्षिक महोत्सव धार्मिक कार्यक्रमों के बीच धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव का शुभारंभ गिरिराज संत सेवाश्रम के महंत राधा मोहन दास, संत निवास के महंत देवकीनंदन महाराज ने संयुक्त रूप से रामानुजाचार्य के चित्रपट पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर आयोजित संत सम्मेलन में महंत राधा मोहन दास सिद्ध जी ने कहा कि बिना आचार्य व गुरू के कल्याण नहीं हो सकता है। मानव दान देने के बाद दान लेने का भागीदार बनता है। प्राचीन परंपरा में पहले ब्राह्मण पढक़र विद्वान बनता है। उसके बाद अपनी विद्या को दूसरों के लिए आदान प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जगद्गुरू स्वामी रामानुजाचार्य जी ने 12 वीं सदी के शुरू में ही विशिष्टाद्वैत दर्शन का अद्भुत विस्तार किया। मानव जैसा करेगा वैसा ही वैभव प्राप्त करेगा। बिना विश्वास के प्रीति संभव नहीं है। इस मौके पर महंत देवकी नंदन महाराज, गिरीश दास त्यागी जी महाराज, रघुनाथ सिद्ध जी महाराज आदि ने रामानुजाचार्य जी के जीवन आदर्श पर प्रकाश डाला। इस मौके पर उद्वव नारायण शर्मा, ईश्वर दास तिलपत वाले बाबा, माधव नारायण शर्मा, गोवर्धन भारती, संजय शास्त्री, लक्ष्मण सिंह, दीनदयाल पटवारी, रघुवीर रामानुज मामा जी, देवकी नंदन शर्मा आदि थे।






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