लोहिया गाॅव मुखराई में भी बन रही सीसी सड़क धांधलेबाजी का शिकार

लोहिया गाॅव मुखराई में घटिया सीमेन्ट व क्रेशर, गिटटी से आरसीसी सड़क बनाते 

आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से फोन पर की ठेकेदार की शिकायत

गोवर्धन। विकास खण्ड मथुरा के अन्तर्गत सत्र 2014-15 में चयनित लोहिया गाॅव मुखराई में होने वाले विकास कार्यों में जमकर धांधली बरती जा रही है। वहीं शासन प्रशासन का कोई भी अधिकारी इन धांधलियों पर ध्यान भी नहीं दे रहा है। यहां बन रही आरसीसी सड़क बनाने में बडी मात्रा में क्रेशर गिटटी का प्रयोग किया जा रहा है। जिसे लेकर ग्रामीणों ने ठेकेदार की शिकायत फोन पर  ही जिलाधिकारी मथुरा से की है। 

विकास खण्ड़ मथुरा के लोहिया गाॅव मुखराई को राज्य सरकार ने करीव दस वर्ष पूर्व पर्यटन गाॅव का दर्जा दिया था और अब गाॅव मुखराई को राज्य की मौजूदा सरकार ने लोहिया गाॅव का दर्जा दिया है। जहाॅ विगत दिनों मथुरा जिले के एडीएम प्रशासन व मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मुखराई में बैठक भी की थी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती दुर्गाशक्ति नागपाल ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को यहां जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू कराने की बात कही। वही विकास कार्य करीब दो हफ्ते पहले शुरू तो हो गया लेकिन विकास कार्यो में ठेकेदार द्वारा बरती जा रही धांधलेबाजी की ओर कोई भी अधिकारी कर्मचारी ध्या नही नहीं दे रहा हैै। जिसके चलते करोडों की धनराशि खर्च होने के बावजूद भी मुखराई गांव विकास के नाम पर अपनी बदहाली बयां कर रहा है। जबकी यहां के विकास कार्याें के लिये करोडों रूपये की धनराशि विगत वर्ष भी खर्च की जा चुकी है। लेकिन एक बार फिर राज्य सरकार मुखराई के विकास के लिये लाखों करोड़ों रूपये की धनराशि खर्च कर रही है। लेकिन जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते ठेकेदार मुखराई में कराये जाने वाले बिकास कार्यो में जमकर धंाधलेबाजी कर उल्टा सीधा कार्य कर चले जाते है और जिले का कोई भी अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही तो क्या कराये गये विकास कार्यों का उचित निरीक्षण करना तक जरूरी नही समझते। ऐसा ही कार्य सोमवार को देखने मिला जहाॅ लोहिया गाॅव मुखराई में चल रहे आरसीसी बनवाने में ठेकेदार द्वारा जमकर धांधली करने का मामला प्रकाश में आया। जिसमें ठेकेदार द्वारा कच्ची आरसीसी में केवल क्रेसर व मीडियम गिटटी डाल कर खाना पूर्ति कर दी गई। जिसे देख ग्रामीणों ने कार्य को बन्द करा दिया और ठेकेदार की शिकायत जिलाधिकारी से फोन पर की। तव कही जाकर ठेकेदार ने कुछ सीमेन्ट डाला बताया है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा ठेकेदार की जिलाधिकारी से की गई शिकायत से ठेकेदार द्वारा की जाने वाली धांधली पर कोई कार्यबाही होती है। या फिर इसी तरह धांधली होती रहेगी।


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