मथुरा। जनपद के विकास के लिए संकल्पित होने का दावा करने वाले मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कार गुजारियों से उक्त विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यो की हास्यास्पद स्थिति बनी हुई विगत माह नगर के दर्जन भर अवैध नवनिर्मित भवनों को विभाग द्वारा सील की कार्यवाही कर निर्माण कार्य रूकवाया गया था। उक्त कार्यवाही से आम जनमानस में सन्देश भी अच्छा गया कि शासन के निर्देशों पर अब पारदर्शिता पूर्ण कार्यवाही कर विभाग बिना नक्शा पास कराये भवन निर्माण नहीं होने देगा। मगर जैसे जैसे समय निकला विभाग की कलई खुलकर सामने आ गई। नगर मे तमाम सील लगें भवनों पर निर्माण कार्य बदस्तूर जारी हैं। विकास प्राधिकरण्ंा के कई भ्रष्ट जेई एवं बाबू नगर के भू माफियाओं से गठबन्धन कर विभाग को खुद राजस्व हानि करा रहें हैं। इसका जीता उदाहरण नगर के बीचों बीच मंडी रामदास में विगत दिनों देखनें को मिला जहाॅ रददी वालों के नाम से मशहूर भवन स्वामी द्वारा बेसमेन्ट का अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा था। जिसमें स्थानीय लोगों की शिकायत पर सचिव श्याम बहादूर सिंह द्वारा रूकवाये जाने के कड़ें निर्देश दिए और भवन को शील भी किया गया मगर उक्त निर्देशो की धज्जियां उनके ही विभाग के जेई ने भवन स्वामी से सैटिंग गैटिंग कर निर्माण को जारी करा दिया। उक्त मामलें की शिकायत की जानकारी पर मीडिया जगत से जुड़ें लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो मौके पर निर्माण जारी मिला। मीडिया कर्मियों को स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त निर्माण से आसपास के भवनों को खतरा उत्पन्न हो सकता हैं। स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से उपरोक्त निर्माण को रूकवानें हेतु विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन देने वालों में गिर्राज देवी, रामू सोनी, संजीव तोमर, गौरीशंकर, प्रधान, गिर्राज सिंह, सुनील गोस्वामी, आदि सहित दर्जनों लोग थे।





