
हजारों स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी प्रयासों को भी धता बता हो रहा तलहटी के वृक्षों और लता पताओं को
कटे हुए हरे वृक्षों से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली थाने के निकटतम एक आरा मशीन में घुसते हुए
गोवर्धन। प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार एवं हजारों स्वयंसेवी संस्थाओं के अभिनव प्रयासों के शीर्ष गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा और गिरिराज पर्वत की तलहटी के संरक्षण संवर्धन को जमकर पलीता लगाया जा रहा है। एक ओर तलहटी में हर वर्ष विभिन्न अभियानों के माध्यम से हजारों लाखों की तादात में वृक्षों का रोपण किया जाता है वहीं इसका दूसरा पहलू ये भी है कि यहां बेइन्तहां वृक्षों का कटान कर उन्हें यहां संचालित अवैध आरामशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। लेकिन शासन प्रशासन या कोई संस्थाऐं इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। सन्तों का मत है कि तलहटी की इस पावन भूमि के वृक्ष और लता पताऐं संन्तों और ऋषि मुनियों का गुप्त स्वरूप है जो सैंकड़ों हजारों वर्षों से यहां गिरिराज जी की गुप्त साधना में लीन है। लगातार यहां हो रहे वृक्षों के कटान और लता पताओं के उजड़ने से यहां के सन्त समाज में गहरा दुःख व्याप्त होता जा रहा है। सन्तों ने शासन प्रशासन के आलाफसरों से इस अवैध कटान को रोकने की मांग की है।
विदित हो कि संसार भर के करोड़ों भक्तों की आस्था के केन्द्र गिरिराज महाराज की सप्त कोसीय परिक्रमा एवं गिरिराज पर्वत की तलहटी क्षेत्र को संरक्षित सवंर्धित करने के लिये प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा शासन भारी मात्रा में धनराशि कर इसके सौंदर्यीकरण में जुटी हुई है। वहीं जिला प्रशासन की अपनी लापरवाह कार्यशैली और इस पावन क्षेत्र को नजर अन्दाज कर शासन की महती योजना को पलीता लगाने में जुटी है। एक ओर शासन स्तर की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यहां हर वर्ष विभन्न योजनाओं के माध्यम से हजारों लाखों वृक्षों का रोपण किया जाता है। लेकिन इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाह कार्यशैली के चलते यहां वृहद स्तर पर वृक्षों का कटान भी किया जा रहा है। हर रोज भारी मात्रा में क्षेत्र की विभिन्न वैध अवैध आरा मशीनें हरे वृक्षों के इस जखीरे से गुलजार हो रही है। वहीं वृक्षों के कटान के इस अवैध काॅकस में लिप्त सैंकड़ों लोग शासन द्वारा वृक्षों को हर वर्ष लगवाये जाने और वर्ष भर वृक्षों के कटान से मालामाल हो रहे है।
इसके साथ दृष्टव्य ये भी है कि दुनिया भर से भारी मात्रा में चन्दा एकत्रित कर हजारों स्वयंसेवी संस्था भी इस क्षेत्र के संरक्षण के साथ साथ वृक्षों की रक्षा के पावन कार्य में जुटे है। लेकिन इसके बावजूद न तो वे कभी इस अवैध कटान का ही कोई विरोध करते है और न ही कभी इन वृक्षों का संरक्षण करते है। इन संस्थाओं मे से भी अधिकतर संस्था तलहटी के वृक्षों के संरक्षण को धन्धा बनाकर फलफूल रही है।
तलहटी में गिरिराज महाराज की सेवा में जुटे सन्तों और धर्मानुयाईयों की मान्यता है कि तलहटी के ये वृक्ष हजारों सैंकड़ों वर्षों से गिरिराज महाराज की तपस्या में लीन दिव्य सन्तों ऋषि मुनियों के स्वरूप है। इनका अवैध कटान धर्म का हृास है। सन्तों ने बताया कि वे वृक्षों के इस अवैध कटान से भारी दुःखी और आहत है। उन्होंने कोर्ट कचहरी के चक्कर में पड़ने की बजाय सीधें मौखिक रूप से कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत की हैै लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती। वहीं एक सन्त आनन्द दास इन वृक्षों की रक्षा को लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके है और केार्ट ने इन वृक्षों के कटान पर प्रतिबन्ध भी लगाया लेकिन वे भी लम्बी लड़ाई नहीं लड़ सके और अन्त मंे थक हार कर बैठ गये।






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