मथुरा । जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों एवं छात्रों को शोध रिसर्च में अग्रणी बनाने के लिए नई पहल की गयी है। कुलाधिपति ने गुणवत्ता पूर्ण शोध कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए नए बजट में इसको बढाया गया है, जिसमें छात्रों को प्रोत्साहित किया जायेगा। डीन रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रो. अनिरूद्ध प्रधान ने अवगत कराया है कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान की पहल पर कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल द्वारा गुणवत्ता पूर्ण शोध कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में शोध के लिए नए बजट का प्रावधान किया है। विवि के सभी अध्यापकों एवं षोध छात्रों को एससीआई जनरल में रिसर्च पेपर प्रकाशित कराने पर दस हजार रूपये तथा स्कोपस रिफर्ड जनरल में पेपर छपने पर पांच हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। प्रो. प्रधान ने बताया कि जीएलए में स्नातक स्तर के प्रत्येक छात्र को भी शोध कार्यों से जोड़ा जायेगा। प्रो. प्रधान ने बताया कि वर्तमान में डीआरडीओ के तीन वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने पीएचडी उपाधि के लिए प्रो. दुर्ग सिंह चैहान के निर्देशन में रजिस्ट्रेशन कराया है जो विश्वविद्यालय के शोध में बढ़ते कदम की पहचान है। शोध के नये प्लान के क्रियान्वयन से शोधार्थियों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया जायेगा तथा स्टार्ट-अप फण्ड बनाकर स्नातक स्तर के छात्रों को शोध के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। जीएलए ने शोध छात्रों को प्रदान की हैं पीएचडी उपाधि पंचम दीक्षांत समारोह के दौरान जीएलए ने नौ शोध छात्रों को पीएचडी उपाधि प्रदान की हैं। दिवाकर भारद्वाज को कम्प्यूटर साइंस, प्रतिभा कुमारी, मनोज कुमार एवं विकास कुमार शर्मा को मेकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रतीक माहेश्वरी एवं कोमल खण्डेलवाल को प्रबंध शास्त्र, विशोल गोयल को ईसीई, नीतू सोरोट को भौतिकी एवं अम्बुज कुमार मिश्रा को गणित विज्ञान में पीएचडी उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है।





