यह बात उस समय की है जब साल 1777 में भारत पर मुगलों का शासन था। यह वही दौर था जब अंग्रेजी हुकूमत व्यवसाय की आड़ में हिंद की सरजमीं पर अपनी पकड़ धीरे-धीरे मजबूत कर रही थी। देखते ही देखते अंग्रेजी हुकूमत ने देश के तमाम राजकीय और शासकीय व्यवस्थाओं को अपनी गिरफ्त में ले लिया और 1857 तक आते-आते अंग्रेजी हुकूमत के परचम हर जगह लहराने लगे।






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