सभी समस्याओं का समाधान-यमुना मिशन

महाराष्ट्र के लातूर से लौटे मिशन के संयोजक ने मीडिया को सुनाया वहां का हाल -महाराष्टकृ के मराठवाडा में पत्थर तोड़ कर पानी मुहैया करायेगा यमुना मिशन

मथुरा। यमुना जल शुद्घि एवं सम्पूर्ण राष्टकृ हरियाली के लिए यमुना मिशन काफी समय से प्रयासरत है। इसके लिए कार्यकर्ता जोर-शोर से अपने-अपने कार्यों में तन-मन एवं अपने साजोसामान सहित हर वक्त कार्य के लिए तत्पर्य रहते हैं। सभी समस्यों का समाधान करके दिखाएगा यमुना मिशन। लातूर से लौटने के पश्चात यमुना मिशन ने सरस्वती कुण्ड स्थित रमणबिहारी गौशाला पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। मंच पर विराजमान मंचासीन पूज्य देवेन्द्र शर्मा, दीनदयाल गिरी बाबा, बैकुण्ठनाथ महादेव, डा बीके अग्रवाल, गौरव सर्राफ, सुरेश चन्द्र सर्राफ, सीपी सिंह सिकवार, यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा, श्रीमती गीता शर्मा, डायरेक्टर राजीव गोस्वामी आदि थे। 

मीडिया को जानकारी देते हुए यमुना मिशन के संयोजक डा. अनिल शर्मा ने बताया कि महाराष्टकृ के दो जिले और बारह गांव में काम में पीने के पानी के लिए कार्य चल रहा है। कर्नाटका से लगे क्षेत्र उस्मानाबाद चिन्हित है। समस्याएं यदि अभी खत्म नहीं हो पाई तो कभी खत्म नहीं हो पाएगी। यमुना जल शुद्घ हो गया तो पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी। संस्थापक प्रदीप बंसल ने सच्चाई परेशान हो सकती है परास्त नहीं। ईमानदारी, सच्चाई और धर्म का दूसरा नाम यमुना मिशन है। गोवर्धन में प्राचीन परिक्रमा मार्ग जो कि पांच सौ वर्ष पूर्व चैतन्य महाप्रभु और बल्लभाचार्य ने प्रारंभ किया था। इस मार्ग से होकर वह परिक्रमा भी लगाते थे। चिंन्हित परमपरा का नाम अतरग्रही तहलटी परिक्रमा मार्ग यमुना मिशन द्वारा गोवर्धन वासी और विश्ववासी के सहयोग से लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं परिक्रमा मार्ग यमुना मिशन के प्रयासों से फिर से हरा भरा होने लगा है। पं. अनिल शर्मा ने बताया कि यमुना मिशन कार्यकर्ताओं ने महाराष्टकृ के वीड जिले में जहां पानी के लिए त्राहिमान-त्राहिमान हो रहा है। पानी की कमी को देखते हुए यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा वहां एक 12 किलोमीटर लम्बी नहर बनायी जा रही है। इस नहर से कई गांवों को लाभ मिलेगा। हर वक्त वहां एक-एक कुएं पर 150-200 लोग पानी भरते हैं। इस नहर को गोदावरी नदी से जोड़ दिया जाएगा। महाराष्टकृ के वीड जिले के कई गांवो में यमुना मिशन निरन्तर कार्य कर रहा है। महाराष्टकृ के मराठ बाड़ा सहित 11 प्रान्त भयंकर सूखे के चलते जलसंकट से जूझ रहे हैं। जल संकट को देखते हुए यमुना मिशन का एक दल 19 अप्रैल को लातूर के लिए रवाना हुआ। जब यह दल परभणी स्टेशन पर उतरा तो अदृश्य शक्ति ने अपना चमत्कार दिखाया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने जगह-जगह यमुना मिशन का स्वागत किया। लातूर में यमुना मिशन ने याकतपुर, सोनवती, बोपला, बोर गांव, बालग्राम, सरधरे गांव, धनेगांव, मातोड़ा गांव, मुशराबाद, उगरबड़ी, रमजानपुर, मोहमदापुर, बड़ी, बातागढ़ी, बामनी, विनग्यारह आदि गांव में भ्रमण किया। 

संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहा कि मराठबाड़ा जिस तरह से हमें सहयोग दे रहा है इस तरह से सहयोग मिलता रहा तो मराठबाड़ा में पानी ही पानी होगा। प्रेसवार्ता के दौरान हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, पन्नालाल शर्मा, मनीष सक्सैना, कौशिक, पुष्पेन्द्र चतुर्वेदी, गीतम, मनीष राज, योगेश, राजू, गोपाल लाल, घनश्याम पटेल, शिवा आदि उपस्थित थे।

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. क्या 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन कर देना चाहिए?

  1. ब्रज मंडल का टूटता पर्यावरण, कराह रही है यमुना...!

  1. यमुना, चंबल से कावेरी तक…, रेत माफिया से हार गई है सरकार...




Mediabharti