राजीव एकेडमी में स्काउट गाइड शिविर का समापन
मथुरा। राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट, मथुरा में स्काउट गाइड शिविर का समापन छात्राध्यापक व छात्राध्यापिकाओं की दीक्षा समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला संगठन कमिश्नर नरोत्तम कुमार रावत तथा सह प्रशिक्षण आयुक्त प्रमोद कुमार एवं ट्रेनिंग कमिश्नर (गाइड) सारिका भाटिया ने छात्राध्यापकों को स्काउट गाइड संगठन के समाज में महत्व को समझाया। तीनों अधिकारियों ने बताया कि यह संगठन पूरी तरह से विद्यार्थियों का समाज सेवी संगठन है। छात्र-छात्राओं में यह संगठन प्रारम्भ से ही अनुशासित रहकर समाज सेवा की शिक्षा का प्रसार करता है।
अधिकारियों ने बीएड के समस्त छात्राध्यापकों को विविध प्रकार की ट्रेनिंग दी। इस ट्रेनिंग के अन्तर्गत उन्होंने घायलों की प्राथमिक चिकित्सा करना, जंगली जानवरों से अपनी व दूसरों की रक्षा करने आदि का प्रशिक्षण दिया। इसके अतिरिक्त भूकम्प, आगजनी, बाढ़़ जैसी आपदाओं में पीड़ितों की रक्षा करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस अवसर पर आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा है कि स्काउट गाइड संगठन छात्र-छात्राओं को समाज सेवा का पाठ पढ़ाता है। आज के भागमभाग भरे जीवन में भी स्काउट गाइड संगठन के कार्यों का महत्व कम नहीं हुआ है। स्काउट गाइड शिविर में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों से छात्राध्यापकों में समाज सेवा की भावना का संचार होता है। वे समाज के पीड़ित लोगों में ईश्वर के दर्शन करते हुये हँसते-हँसते अपने कर्तव्य का भलीभाँति पालन करते हैं। हमें ऐसे प्रशिक्षणों से सीख लेनी चाहिए।
संस्थान के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि स्काउट गाइड शिविर में मिलने वाला प्रशिक्षण सामाजिक समरसता को बढ़ाता है। शिविर में प्रशिक्षण लेकर स्काउट गाइड समाज के पीड़ितों की सहायता करते हैं। बीएड के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष रूप से इस प्रशिक्षण का महत्व अधिक है क्योंकि वे आगे चलकर अध्यापन कार्य करते हुए छोटे बच्चों में सेवाभाव का प्रसार करते हैं, वहीं बच्चे बड़े होकर आदर्श नागरिक बनते हैं।
राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि आज के आई.टी. युग में स्काउट गाइड का महत्व कम नहीं हुआ है बल्कि इसका आज भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में उत्तराखण्ड की त्रासदी के वक्त भारत स्काउट गाइड के सदस्य पीड़ितों की सेवा को सबसे पहले पहुँचे थे। डा. सक्सेना ने कहा कि प्रत्येक स्काउड व गाइड का यह कर्तव्य है कि वह तीन-तीन व्यक्तियों में समाज सेवा का प्रसार कर उन्हें प्रशिक्षित करे जिससे जल्द ही समाज में सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक चैन तैयार हो सके। राजीव एकेडमी फार टीचर एजूकेशन के प्राचार्य डा. बीरबल चौधरी ने कहा कि भारत स्काउट गाइड संगठन द्वारा दिया जाने वाला यह प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं में समाज सेवा का सच्चा अर्थ प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर डा. अवधेश अथैया, के.के. शर्मा, एस.सी. यादव, डा. पी.बी. गोस्वामी, डा. बदरुद्दीन, डा. अनु गर्ग, डा. प्रज्ञा शर्मा, डा. स्नेहलता चतुर्वेदी, डा. अम्बिका उपाध्याय, डा. रीना शर्मा, डा. प्रीतिबाला तिवारी, दीनबन्धु समाधिया आदि उपस्थित थे।






Related Items
सुनें : बिहार में मुस्लिम-यादव गठजोड़ का है यह हाल...
युगदृष्टा मनीषी थे पंडित श्री राम शर्मा आचार्य
चैतन्य मत का आजीवन प्रचार करते रहे गोस्वामी गल्लू