सरकार द्वारा अनेक योजनाओं में अरबों रूपये खर्च करने के बाद भी माध्यमिक शिक्षा का हाल बद से बदतर

 

चौमुहां। वैदिक काल से लेकर अब  तक भारतवासियों के लिए शिक्षा का अभिप्राय यह रहा है कि शिक्षा जीवन के हर पहलू को रोशन कर तरक्की के मार्ग प्रशस्त करती है। सरकार द्वारा अनेक योजनाओं में अरबों रूपये खर्च करने के  बाद भी माध्यमिक शिक्षा का हाल  बद से बदतर है। गहरी नींद सोए शासन प्रशासन और शिक्षा विभाग का भी इस ओर कभी ध्यान नहीं जाता है। आलम यह है कि  ग्यारह बारहवीं के छात्रों पर सतत्तर,अठत्तर,उनहत्तर में कौन सी संख्या बड़ी है ये तक मालूम नहीं है। 

कस्बा में स्थित सर्वोदय इंटर कालेज का नाम क्षेत्र में पहले कभी चुनिंदा स्कूलों में गिना जाता था। लेकिन अब इस विद्यालय की स्थिती ऐसी है जहां कहने को छात्र संख्या ६५० से ऊपर है लेकिन उपस्थित के नाम पर वमुशिकल १६० छात्र -छात्राऐं ही अध्ययनरत पाई गई। विद्यालय में क्लास चल रही थी लेकिन छात्र  क्लास में न बैठकर ग्राउण्ड में मस्ती कर रहे थे।  वही अध्यापक भी ठंड के मौसम में धूप का मजा ले रहे थे। जब हिदुस्तान संवाददाता ने क्लासों में जाकर देखा तो छटवीं कक्षा में पच्चीस में से नौ बच्चे,सतवीं में पांच बच्चे,आठवीं में पैतीस में से छह बच्चे,नौवीं में सत्ताईस बच्चे,दसबीं में इक्कीस बच्चे,ग्यारहवीं में एक सौ अठारह में से चालीस बच्चे बारहवीं में एक सौ तीस में से बीस बच्चे ही उपस्थित थे। 

-----------------

चौमुहां। सर्वोदय इंटर कालेज में छात्र-छात्राओं के लिए क्लास रूम से बाहर मैदान में बैठकर पढऩे को मजबूर है। क्याकि उनकी कक्षाओं में फर्नीचर टूटा फूटा है। तथा कक्षाओं की सफाई नियमित नहीं होती है। तथा ब्लैकवोर्ड भी खराब पड़े है। 

--------------------------

चौमुहां। विद्यालय में कई वर्षो से गणित के अध्यापक के न होने से विद्यार्थीयों क ो गणित के विषय की पढ़ाई करने में काफी दिक्कत हो रही है। विद्यार्थीयों ने बताया कि इसी माह से एक अध्यापक की वैकल्पिक व्यवस्था प्रबंधन समिति द्वार की गई है। जिसके लिए प्रति छात्र से सौ रूपये लिए जा रहे है। 

----------------------------

चौमुहां। सर्वोदय इंटर कालेज में कुल २३ पद सृजित हैं जिनमें १६ पद एलटी ग्रेड़ के व सात पद प्रवक्ता हैं। लेकिन वर्तमान में नौ एलटी ग्रेड व दो प्रवक्ताओं सहित ११ अध्यापक ही विद्यालय को चला रहे है। वही विद्यालय की प्रधानाचार्य जो कि हिंदी की प्रवक्ता हैं वह १५ दिन की सीसीएल की छुटटी पर हैं। जिसके चलते बच्चे हिंदी तक की क्लास नहीं पढ़ पा रहे हैं। जहां चतुर्थ श्रेणी के १२ पद है लेकिन यहां चार ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नियुक्त हैं। 

------------------

चौमुहां। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को ये तक नहीं मालूम की उनका ग्रह जनपद कौन सा है। तथा वे कौन से राज्य में रह रहे है उस राज्य के राज्यपाल कौन है यहां तक की हमारे प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन है। हद तो तब हो गई जब उनसे सतत्तर,अठत्तर,उनहत्तर व सतासी,अठासी,उनहयासी में कौन सी संख्या बड़ी है ये पूछा गया तो ९० प्रतिशत बच्चों ने गलत जबाब दिया। 

------------------------

चौमुहां। सत्र समाप्ती की ओर है लेकिन विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए अभी तक ड्रेस वितरण नहीं किया गया है। अधिकतर विद्यार्थी बगैर ड्रेस के ही विद्यालय आते हैं। 

-----------------------

चौमुहां। अकबरपुर स्थित दुर्गेश इंटर कालेज पर छात्र संख्या ७० प्रतिशत मिली  पर वहां भी पूरे कालेज को मात्र तीन अध्यापक ही चला रहे हैं। जबकि वहां पर नौ पद सृजित हैं। वहां भी प्रबंधन कमैटी ने अनुभवहीन अध्यापकों को अस्थाई तौर पर रखा हुआ है। 

 

Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login