यमुना मुक्ति के लिये ब्रज के सभी साधु - सन्तों, भागवताचार्यों, ब्रजवासियों व यमुना भक्तो द्वारा यमुना को मुक्त करा ब्रज में लाने के लिये प्रयास किया जा रहा है। वृन्दावन के वात्सल्य ग्राम में यमुना मुक्ति को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें साध्वी ऋतुम्भरा जी को यमुना मुक्तिकरण अभियान राष्ट्रीय सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय द्वारा यमुना की वर्तमान स्थिति, समस्या व अभियान की रूपरेखा व प्रमुख मांगो से अवगत कराया। जिसका साध्वी श्री ऋतुम्भरा जी समर्थन करते हुये उन्होने कहा कि यमुना के बिना के हमारा अस्तित्व ही सार हीन है।यमुना जी का ब्रज में पुनः आना हिन्दुत्व एवं भारतीयता के लिये अत्यन्त आवश्यक है। कोई भी आन्दोलन जन शक्ति से आगे बढता है। पूर्व के आन्दोलनों का उदाहरण देते हुये उन्होने कहा कि जब तक आन्दोलन जन आन्दोलन का रूप नहीं ले लेता तब तक आन्दोलन की सफलता निश्चित नहीं होती। मैं स्वयं यमुना को बचाने के लिये यमुना मुक्ति के इस अभियान में सहभागिता करूँगी एवं आन्दोलन को विशाल जन आन्दोलन बनाने के लिये प्रयास करूँगी।
इस अवसर पर उपस्थित महन्त श्री फुलडोल जी महाराज एवं परम पूज्य संत श्री चित्प्रकाशानन्द जी महाराज ने यमुना की वर्तमान स्थिति को हिन्दुत्व और ब्रज पर कुठाराघात बताते हुये इस समस्या के पूर्ण समाधान के लिये व्यापक जन आन्दोालन की आवश्यकता बताई एवं यह सुनिश्चित किया कि इस बार का यह आन्दोलन आर पार का होगा। बिना यमुना समस्या के समाधान के कोई ब्रजवासी व साधु समाज का प्रतिनिधि वापस नहीं आयेगा।
भागवताचार्य श्री बद्रीश जी महाराज एवं श्री मृदुलकान्त शास्त्री जी महाराज ने पदयात्रा की रूपरेखा व रणनीति की जानकारी देते कहा कि इस बार की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा अभूतपूर्व व ऐतिहासिक होगी एवं बड़ी संख्या में भारतवर्ष के सभी साधु-सन्त एवं भागवताचार्य पदयात्रा में सम्मिलित होगे।
वृन्दावन स्थित तुलसीवन में हुआ होली मिलन समारोह में हुयी यमुना मुक्तिकरण पर गहन चर्चा
वृन्दावन परिक्रमा मार्ग स्थित कौशिक जी महाराज के आश्रम तुलसी वन में होली मिलन समारोह में ब्रज के प्रमुख साधु-सन्त एवं भागवताचार्य उपस्थित रहे। होली मिलन समारोह में आगामी 15 मार्च को कोसी से प्रारम्भ होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को अभूतपूर्व एवं अद्वितीय बनाने के लिये गहन चर्चा की गई। मलूक पीठाधिश्वर द्वाराचार्य पूज्य संत श्री राजेन्द्र दास जी महाराज ने उपस्थित सभी सन्तों व वैष्णवों से इस पदयात्रा में हर सम्भव तरीके से सम्मलित होने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि यमुना जी की समस्या को हल करने के लिये यह एक स्वर्णिम अवसर है इस अवसर का लाभ लेते हुये हमें इस बार बिना यमुना मुक्ति के अपने कदम पीछे नहीं हटाने है। वेदों में, पुरोणों में, उपनिषद् और कथाओं में यमुना की महिमा बताई गयी है जिससे लोग धीरे धीरे अनभिज्ञ होते जा रहे है। इस आन्दोलन के माध्यम से लोगो में जन जाग्रति आयी है। इस अवसर पर हम सभी को अपनी सम्पूर्ण शक्ति लगाकर सहभागिता करनी होगी और आन्दोलन को सफल बनाना होगा।
परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज ने कहा कि यह आन्दोलन निश्चित रूप से यमुना जी को ब्रज में लेके आयेगा एवं व यमुना जी के आने से ही ब्रज को उसकी वास्तविक पहचान पुनः प्राप्त होगी।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय जी ने यमुना की तकनीकी समस्या पर प्रकाश डालते हुये सभी से 15 मार्च 2015 को पदयात्रा मे भाग लेने का आह्वन किया।
मारवाडी समाज ने दिया यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन
यमुना की अविरलता के लिये मारवाड़ी समाज भी साथ में आते हुये उन्होने यमुना मुक्तिकरण अभियान समर्थन दिया है। इसके साथ हजारों मारवाडियों की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने की बात भी कही। श्री भगवान भजनाश्रम समिति के अध्यक्ष श्री चांदबिहारी पटोदिया ( बडे पाटोदिया जी) ने कहा कि यमुना की सेवा कार्य बडे भाग्य से मिलता है। यमुना की सेवा के लिये हमारा मारवाड़ी समाज तत्पर है । यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 15 मार्च को होने वाली पदयात्रा में भारी संख्या में मारवाडी समाज के भक्त भी उपस्थित रहेगें।
इस अवसर पर अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह एवं श्री मृदुलकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना की रक्षा के लिये पूरे देश की आवश्यकता है। इस पावन कार्य में सहभागिता किसी यज्ञ से कम नहीं इसलिये हमें बडी संख्या में भाग लेना होगा।
इस अवसर राजेन्द्र खेतान, बिहारीलाल सर्राफ, कमल किशोर चैधरी, राजकुमार पोद्दार, मोहनलाल अग्रवाल, श्री द्विवेदी जी, सुरेश शर्मा एडवोकेट, मोहन सोनी आदि उपस्थित रहे।
उत्साहित ब्रजवासी और यमुना भक्तों के जुड़ने का कारंवा बढा अब तक 12680 पंजीकरण हुये
अभियान के प्रचार के लिये 25 प्रचार रथों द्वारा गांव गांव जा यमुना मुक्ति की अलख जगाई गयीं प्रचार में आयी इस तूफानी तेजी से लोगो में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। प्रचार की गाडियो में अभियान के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जा संपर्क किया गया और यात्रा में चलने के इच्छुक ब्रजवासियों से पंजीकरण फार्म भरवाये गये। प्रचार की गाडियों में गोवर्धन ब्लाक में किशन दास जी, फरह ब्लाक में गिरधारी सिंह , होडल में हंसराज, मथुरा में पंकज चतुर्वेदी, बल्देव क्षेत्र में लाल दास बाबा, अडीग क्षेत्र में निहाल सिंह तौमर, नन्दगांव क्षेत्र में विजय , छाता में राधाकिशन पंडित जी , कोसी में महेश पंडित जी, वृन्दावन लक्ष्मीनगर में हरेश ठेनुआ जी , मांट क्षेत्र में राजकुमार उर्फ राजू भैया द्वारा प्रचार किया गया। इसके अलावा अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं सहसंयोजक द्वारा भी सघन जन संपर्क किया गया। 7 मार्च शनिवार तक प्रचार कार्यक्रम में सभी प्रचार रथों द्वारा तकरीबन 12680 पंजीकरण फार्म भरे गये। पंजीकरण फार्म भरने वाले सभी यमुना भक्तों द्वारा पदयात्रा में चलने का संकल्प लेते हुये यमुना जल लिये बिना पीछे न लौटने का संकल्प भी लिया गया।
अभियान के समर्थन में दिये गये मिस्ड काॅल नं. 0 888 101 8888 पर अब तक 980000 मिस्ड काॅल दर्ज किये जा चुके है। प्रतिदिन 5000 से अधिक मिस्ड काॅल की औसत से अभियान के समर्थन में मिस्ड काॅल पूरे भारत वर्ष से दर्ज किये जा रहे है।
अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर बनी रही गहमा गहमी
यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर आज कल काफी गहमा गहमी बनी हुयी । अभियान के सैकडो कार्यकर्ता केन्द्रीय कार्यालय पर अलग अलग स्तरों पर यात्रा को अन्तिम रूप देने के लिये विभिन्न कार्यो में सतत लगे हुये है। विभिन्न गांव से आने वाले लोगो का तांता भी अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर बना हुआ है । इस बार यमुना भक्त पहले से अधिक उत्साहित और उमंग से भरे हुये।
कार्यालय पर अभियान के प्रमुख पदाधिकारी अलग अलग बैठकों में जनसमूहों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर आगामी पदयात्रा में भारी जन समुदाय की उपस्थिति को सुनिश्चित करने में लगे हुये है।
कोसी में आज जुटेगी ( 8 मार्च ) सभी संगठनों की महासभा
आगामी 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा व 14 मार्च को कोसी में होने वाली महापंचायत की सफलता को सुनिश्चित करने के लिये आज कोसी व आस पास क्षेत्र के सभी धार्मिक, समाजिक व व्यावसायिक संगठनो की कोसीकलाँ के काली मन्दिर में महासभा आयोजित की जायेगी। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में ब्रज के विरक्त संत श्री रमेश बाबा महाराज उपस्थित रहेगें। इस महासभा में सभी संगठनों द्वारा पदयात्रा की सफलता के लिये भारी जनसमुदाय को संगठित करने पर विचार विर्मश किया जायेगा। अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह ने जानकारी देते हुये बताया कि महासभा 1 बजे से 4 बजे तक चलेगी । जिसमें सभी संगठनों की अभियान में सशक्त भूमिका को लेकर चर्चा की जायेगी।





