
विदेषों में स्थित भारतीय संस्कृति से सम्बद्ध प्राचीन स्थलों की यात्रा - श्रंखला में प्रकाषित ’काश्र्णि कलाप’ पत्रिका के ’बृहत्तर भारत यात्रा’ का विमोचन सन्त प्रवर काश्र्णि स्वामी गुरुषरणानन्द जी महाराज द्वारा किया गया।
बृहत्तर भारत यात्रा श्रंखला में विगत वर्शोंं में महाराजश्री के सानिध््य में मानसरोवर, मुक्तिनाथ - दामोदर कुण्ड, माॅरीषस, तथा श्रीलंका की यात्रा के पष्चात् हाल ही में स्याम देष (थाईलैन्ड) तथा कम्बोज देष (कम्बोडिया) की यात्रा की गई थी। कम्बोडिया में संसार का सबसे विषाल विश्णु मन्दिर अंकोरवाट है। इस यात्रा को स्मरणीय बनाये रखने के लिए बृहत्तर भारत यात्रा विषेशांक का प्रकाषन किया गया है।
रमणरेती स्थित उदासीन काश्र्णि आश्रम में विषेशांक का विमोचन करते हुए स्वामी गुरुषरणानन्द जी महाराज ने विषेशांक के सम्पादक मोहन स्वरूप भाटिया, अतिथि सह - सम्पादक डा0 भागवत कृश्ण नांगिया तथा छायाकार गोपाल षर्मा को बधाई एवं आर्षीवाद प्रदान किया।
मोहन स्वरूप भाटिया ने इस अवसर पर बताया कि विषेशांक में थाईलैन्ड - कम्बोडिया के दर्षनीय स्थलों का सचित्र इतिहास तथा यात्रियों के संस्मरण प्रकाषित हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रा में योग - गुरु बाबा रामदेव, श्री महन्त महेष्वर दास, श्री महन्त रघु मुनि, स्वामी परमानन्द, स्वामी ष्याम सुन्दर दास जी महाराज, स्वामी महेषानन्द, स्वामी अद्वैतानन्द आदि संतों सहित 259 यात्री सम्मिलित थे।






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