‘डिजिटल क्रांति’ के मुहाने पर खड़ा भारत...

प्रौद्योगिकी का विकास प्रगति की आधारशिला है और शताब्दियों में इसने समाज के कामकाज के तौर-तरीकों को बदला है। प्रौद्योगिकीय आविष्‍कारों ने मानव श्रम को कम करके, दक्षता लाकर और उत्‍पादकता बढ़ाकर समाज के प्रत्‍येक क्षेत्र में क्रांति ला दी है। चाहे शिक्षा में सूचना संचार प्रौद्योगिकी हो, मीडिया और सेवा क्षेत्र में डिजिटलीकरण, स्‍वास्थ्य सेवा के लिए स्‍वचालित उपकरण क्‍यों न हो; समाज के प्रत्‍येक क्षेत्र को प्रौद्योगिकी का लाभ मिल रहा है। भारत जैसे देश के लिए जहां परम्‍परागत धरोहरों का अचूक मिश्रण है और जो सबसे बड़ी ‘युवा आबादी’ के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक है; यहां प्रौद्योगिकी क्रांति के साथ समाज का चेहरा बदलने के विशाल अवसर हैं।


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