केरल, जिसे लंबे समय से कम्युनिस्टों का गढ़ माना जाता रहा है, जहां कभी कमल को मज़ाक में उगने वाली घास कहा जाता था, आज हर जगह चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है। हाल ही में, तिरुवनंतपुरम में, अमित शाह की ज़ोरदार मौजूदगी, और उनका वक्तव्य, कोई साधारण भाषण नहीं था, बल्कि 2026 के लिए साफ़ चुनावी संदेश था। कल्पना कीजिए, लाल झंडों के बीच कमल खिलते हुए। यह सपना नहीं, एक नई राजनीतिक कोशिश है।
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