प्रसिद्ध गांधीवादी नेता और कांग्रेस के भूतपूर्व अध्यक्ष डॉक्टर पट्टाभि सीतारमैया दक्षिण भारतीय होने के बावजूद अपने सभी पत्रों पर हिन्दी में ही पता लिखते थे। उनकी इस आदत के चलते दक्षिणी इलाकों के डाकखाने वालों को बड़ी असुविधा होती थी। एक बार उन सभी ने उनको कहलवा भेजा कि आप अंग्रेजी में ही पते लिखा करें ताकि डाक बांटने में आसानी रहे...
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