समीक्षा भारती न्यूज सर्विस

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सुप्रसिद्ध अभिनेत्री वहीदा रहमान को वर्ष 2021 के दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा। आशा पारेख, चिरंजीवी, परेश रावल, प्रसेनजीत चटर्जी और शेखर कपूर दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति का हिस्सा थे।

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... खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झांसी वाली रानी थी...! बरसों पुरानी यह कविता ज्यादातर हिंदुस्तानियों को आज भी याद है। इस कविता के माध्यम से कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान ने जिस तरह से रानी लक्ष्मी बाई के शौर्य का चित्र खींचा है, वैसा विरले ही देखने को मिलता है...

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गणेश चतुर्थी पर्व पर हर साल श्रद्धालु गणपति बप्पा को खुशी-खुशी अपने घर लाते हैं और अगले साल फिर से आने की प्रार्थना के साथ, परंपरागत रूप से उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। यूं तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालुओं के साथ हमेशा भगवान गणेश का आशीर्वाद रहता ही है, पर इस बार दिल्ली नगर निगम की ओर से कुछ ऐसा प्रयास किया गया है कि भगवान गणेश से मिलने वाला आशीर्वाद न सिर्फ श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा, बल्कि हमेशा उनके साथ बना भी रहेगा।

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नृत्य-संगीत मानव जीवन के उल्लास को अभिव्यक्त करने का माध्यम है। लोक नृत्य हमारे समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये लोक नृत्य न केवल भारत के लोगों को बल्कि समूचे विश्व को आकर्षित करते हैं। इन्हीं लोक नृत्यों में से एक राजस्थान की सपेरा जाति द्वारा किया जाने वाला कालबेलिया भी बेहद प्रसिद्ध है...

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भारत को स्वतंत्रता यूं ही प्राप्त नहीं हुई है। अपने रक्त से असंख्य क्रांतिवीरों ने भारत माता का अभिषेक किया है। स्वतंत्रता का उद्देश्य सम्मुख रख वे हंसते-हंसते फांसी पर झूले हैं। वह दौर ही दूसरा था। गुलामी और अत्याचार के बीच न डिगने का संकल्प अटल था। यही संकल्प और अनथक प्रयासों की परिणति आज स्वतंत्र भारत के रूप में हमारे समक्ष है। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऐसे ही एक वीर थे... राजेंद्र नाथ लाहिड़ी..

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स्वामी सहजानंद सरस्वती ब्रिटिशकालीन भारत का एक ऐसा नाम हैं जिन्हें उनके अपने मूल नाम नौरंग राय से न जानकर उनके कर्म से जाना जाता है। भारत के राष्ट्रवादी नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जन नेता से भी बढ़कर वह एक किसान नेता माने जाते हैं...

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