उपभोक्ता को ‘किंग’ बनाने की कवायद

आलोक कुमारगुड्स एंड सर्विस टैक्सेज (जीएसटी) यानी “एक भारत-एक कर”। इसको एक नई आर्थिक क्रांति कहा जा रहा है। जीएसटी की व्यवस्था को स्थिर करने का काम जारी है। कहा जा रहा है कि इसके जरिए हम नवविकासवाद की ऊंचाईयों का स्पर्श करने जा रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि कर वसूली की सुदृढ़ व्यवस्था करने का एक मकसद उपभोक्ता को “किंग” बनाना भी है। लेकिन, उपभोक्ता खुद को तब ही किंग यानी सहूलियत वाली अवस्था में महसूस करेगा जब सरकार उचित, सटीक और मानक मापतौल वाला सामान मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. जूतों पर जीएसटी दर बढ़ाने का व्यापारी कर रहे हैं विरोध

  1. जीएसटी परिषद की 31वीं बैठक के दौरान की गई ताजा सिफारिशें

  1. इसलिए याद रखे जाएंगे अनंत कुमार




Mediabharti