राजस्थान राज्य की राजनीति में हमेशा राजसी आन, बान और शान का बोलबाला रहा है। लेकिन, यह वह दौर था जब आजादी के बाद राजतंत्र के लोकतंत्र में बदलने के चलते जनता पर राज करने वाले राजा और महाराजा अब जनसेवक बनकर सामने आने की कोशिशें कर रहे थे। ऐसे ही एक महाराजा मान सिंह जनसेवक बन अपनी जड़ें जमाने में जुटे हुए थे। पूरी कहानी पढ़ने के लिए अभी सब्सक्राइब करें...

पवन गौतम





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