मार्कण्डेय काट्जू के किसी बयान पर लिखने को दिल तो नहीं करता लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे उनकी 'उंगली' करने की आदत भी बढ़ती जा रही है। अब कल कह बैठे कि देश में ऐसे कई नेता हैं जिनको गोली मारी जा सकती है...।
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