गुरूपूर्णिमा महापर्व को लेकर सजने का है पण्डाल

संस्थाध्यक्ष पंकज महाराज व्यवस्थाओं पर रखे हुए है नजर 

मथुरा। जयगुरुदेव मन्दिर पर लगने वाले गुरुपूर्णिमा महापर्व के लिये पाण्डाल सजने लगे हैं। सत्संग मंच को तैयार किया जा रहा है। आगन्तुकों के आने की तादात बढ़ने लगी है। स्वयंसेवी कार्यकर्ता सेवादार अथक परिश्रम करके व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त करने में लगे  हुये हैं। संस्थाध्यक्ष पंकज महाराज व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुये हैं। मेला प्रभारी चरन सिंह एडवोकेट संस्था के सदस्यों व व्यवस्थापकांे की टीम के साथ व्यवस्था को सभालने में लगे हैं। आगन्तुकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सत्संग की शुरुआत हो गई है।

      आज दर्शन मंच से श्रद्धालुओं को सत्संग सुनाते हुए राष्ट्रीय उपदेशक एवं प्रवक्ता बाबूराम ने कहा कि महापुरुषों के शरीर की रूहानी (आध्यात्मिक) किरणों से उनकी कर्मभूमि की माटी का कण-कण शोधित हो जाता है। इसलिये महान पुरुषों के स्थानों पर तीर्थ बन जाते हैं। उनके रहने के स्थान की पावन रज लोगों के लोक-परलोक दोनों के लिये कल्याण का काम करती है। ऐसे स्थानों पर जाने से मन में शान्ति, विचारों में शुद्धता आती है। उन्होंने अपने गुरु महाराज परम् सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज को अलौकिक शान्ति से सम्पन्न महापुरुष बताते हुये कहा कि वह देश में शाकाहार-सदाचार लाने के पक्षधर थे और लोगों को शराब जैसे खराब बुद्धि विवके नष्ट करने वाले नशो से बचने की सद्प्रेरणा देते थे। उनके सन्देश पहले भी प्रासंगिक थे, अब भी है और आगे भी रहेंगे। यदि लोग बाबा जयगुरुदेव की बात मान लें और शाकाहार-सदाचार चरित्रवान बन जांय और मादक द्रव्यों के सेवन से बच जाँय तोे देश खुशहाल हो जाय। देश और दुनियाँ के सारे रगड़े-झगड़े अपने आप समाप्त हो जाँय।  उन्होंने किसी भी प्रकार की जीव हिंसा या मानव हिंसा को मानवता के लिए घातक बताया। मानवता की रक्षा, इन्सानियत की हिफाजत के लिए सबको हिंसा से दूर रहने और साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने की अपील की।


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