मथुरा। छाता कोतवाली क्षेत्रा अंतर्गत गांव तरौली एक दरिंदे पिता ने अपनी ही पुत्राी को हवस का शिकार बनाने की कोशिश करते करते उसके ऊपर जानवरों से व्यवहार करते हुए शनिवार उसके ऊपर मिट्टी का तेल डाल कर उसे जिन्दा जला दिया। खुद घर से भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस गंभीरावस्था में पीड़ित पुत्राी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां रविवार को उसने दमतोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छाता कोतवाली क्षेत्रा के गांव तरौली स्थित बड़ा मुहल्ला निवासी बंगाली के दो बेटे और चार बेटियां रहती हैं। पत्नी की हत्या के बाद वह दो साल तक फरार रहा और इसके बाद एक साल तक जेल काटकर जमानत पर छूट आया। बेटा शिवम, विष्णु व 17 साल की बेटी गुड़िया ने बताया कि जेल से छूटने के बाद पिता ने घर में सभी का जीना मुश्किल कर दिया था। वह बेटियों के चरित्रा पर शक करके आए दिन जानवरों की तरह पीटता था। तीन दिन पहले बड़ी बहन सपना और छोटी राध को बुरी तरह पीटा। इसके बाद सपना ससुराल चली गई। शनिवार अचानक उसका पिता बंगाली फिर दरिन्दा बन गया और बच्चों की पिटाई शुरू कर दी। 15 साल की राध को बेरहमी से पीटने के बाद वह उसे खींचकर कमरे में ले गया। बंगाली ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। करीब बीस मिनट तक वह आग की लपटों में घिरी रही और बचाव के लिए चीखती-चिल्लाती रही। राध की चीख शांत होने के बाद बंगाली भाग निकला, पीछे दौड़े ग्रामीणों ने उसे दबोचकर पीटा और पुलिस को सूचना दे दी। पड़ोसियों ने 95 फीसद झुलसी हालत में राध को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी रविवार को मौत हो गई। बहन की मौत के बाद गुड़िया ने पिता पर संगीन आरोप लगाए। उसका कहना था कि वह राध को हवस का शिकार बनाना चाहता था। इसमें कामयाब न होने पर उसे जिंदा जला डाला। छाता इंस्पेक्टर गिरीश चंद तिवारी का कहना है कि पड़ोसी राधकिशन ने बंगाली के खिलाफ छाता कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी बंगाली को गिरफ्तार कर लिया गया है और कमरे से मिट्टी के तेल की कट्टी बरामद कर ली गई है। बेटी के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने आज राध के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।






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