महाकवि निराला का जीवन निष्कपट था। जैसा वह कहते थे, वही उनका आचरण था, बाहर-भीतर एक समान। उनके जीवन के ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब उन्होंने दीन-दुखियों के आगे अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
महाकवि निराला का जीवन निष्कपट था। जैसा वह कहते थे, वही उनका आचरण था, बाहर-भीतर एक समान। उनके जीवन के ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब उन्होंने दीन-दुखियों के आगे अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
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