ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन भगवान राम अपनी पत्नि सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे। इस दिन नगरवासियों ने अपने पूरे घर में दिए जलाए थे। उसी समय से इस दिन को दिवाली मनाई जाती है। लेकिन ऐसे कई और भी कारण है, जिनकी वजह से दिवाली मनाई जाती है। न सिर्फ हिन्दू धर्म बल्कि जैन और सिक्ख समुदाय के लिए भी यह त्यौहार बेहद खास है। रामायण ही नहीं बल्कि महाभारत में भी दिवाली मनाए जाने की वजह बताई गई है।
- यह दिन जैन समुदाय के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन जैन गुरु महावीर ने निर्वान की प्राप्ति की थी, इसलिए जैन समुदाय भी दिवाली मनाता है।
- सिक्ख समुदाय के लिए भी यह त्योहार खास है। इस दिन छठे सिक्ख गुरु हरगोबिंद को 52 अन्य राजाओं के साथ ग्वालियर फोर्ट में कैद से छोड़ा गया था। इसलिए दिवाली का दिन इनके लिए खास माना जाता है।
- शास्त्रों में ऐसा लिखा है कि इस दिन लक्ष्मी जी को जन्मदिन भी माना जाता है। इसलिए इस दिन दिवाली मनाई जाती है।
- दिवाली मनाने का एक ये भी कारण है कि इस दिन भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण करके लक्ष्मी जी को बाली की कैद से छुड़ाया था।
- इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। नरकासुर ने 16,000 महिलाओं को बंदी बना रखा था जिन्हें कृष्ण ने उसका वध करके मुक्त किया था। इसलिए दिवाली के त्यौहार में एक दिन इस विजय के रूप में मनाया जाता है।
- इस दिन हिंदू धर्म के महान राजा विक्रमादित्य का राजतिलक हुआ था। इसलिए भी दिवाली एक ऐतिहासिक त्यौहार है।
- माना जाता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन पांडव 12 साल के अज्ञातवास के बाद वापस आए थे। पांडवों को मानने वाली प्रजा ने इस दिन दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसलिए दिवाली मनाई जाती है।
- महार्षि दयानंद ने इस दिन निर्वान की प्राप्ति की थी। इसलिए भी दिवाली एक खास त्योहार है
साभार-khaskhabar.com






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