थार के रेत में आपदाओं के जोखिम को कम करने की कवायद

बिनोय आचार्य

पश्चिमी राजस्थान में रहने वाले घेवर राम और गौरी देवी के पास केवल डेढ़ बीघा ज़मीन है। सूखे की मार के चलते उन्हें हर बार आजीविका की तलाश में इधर से उधर विस्थापित होना पड़ता था लेकिन अब यह सिलसिला थम गया है। दरअसल अब उन्होंने बागवानी-चारागाह प्रणाली को अपना लिया है। (Read in English)

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