मथुरा : धर्म और मजहब की दीवारें तोड़ते हुए गंगा-जमुनी तहजीब आज भी ब्रज में जिंदा है। हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का ही परिणाम है कि जिस मथुरा को विश्व भगवान कृष्ण की जन्मस्थली के तौर पर जानता है उनके परिधान और श्रृंगार सामग्री के निर्माण का काम एकदूसरे के बिना पूरा नहीं होता है।






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