नई दिल्ली । नोटबंदी के बाद अब सरकार घरों में कैश रखने की सीमा भी तय कर सकती है। यह फैसला भारी मात्रा में बरामद हो रहे कैश को देखकर लिया जा रहा है। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद देशभर में हो रही छापेमारी में काफी कैश बरामद हो रहा है। अब सरकार आने वाले दिनों में घरों में कैश रखने की सीमा तय कर सकती है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और जल्द ही इसकी घोषणा भी की जा सकती है। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति एक निश्चित सीमा से अधिक धनराशि कैश में नहीं रख पाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैश रखने की सीमा तय करने का विचार वित्त मंत्रालय के विचाराधीन है।
15 लाख हो सकती है सीमा:
हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि घर में नगदी रखने की अधिकतम सीमा क्या होगी लेकिन माना जा रहा है कि घरों में नगदी रखने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपए हो सकती है। गौरतलब है कि एसआइटी ने जुलाई में वित्त मंत्रालय को सौंपी अपनी पांचवी रिपोर्ट में 15 लाख रुपये से अधिक कैश रखने के लिए आयकर आयुक्त की अनुमति लेनी की सिफारिश की थी। ज्ञातव्य है कि एसआइटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एम बी शाह और उपाध्यक्ष व उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्ति न्यायाधीश अरिजीत पसायत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को संयुक्त पत्र लिखकर कहा है कि अगर नकदी रखने की सीमा तय नहीं की गई तो नोटबंदी का सरकार के फैसले का कोई असर नहीं होगा।कुछ दिनों के बाद फिर से लोग काला धन जमा करने लगेंगे। सात्थ ही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अपने खाते से तीन लाख रुपये से अधिक निकालता है तो बैंक को इसे संदेहास्पद मानकर फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट और आयकर विभाग को सूचित करना चाहिए। घरों में नगदी रखने की सीमा तय करने के लिए आयकर कानून 1961 में जरूरी संशोधन किए जा सकते हैं। इस दिशा में कदम इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि बीते तीन साल में आयकर विभाग की छापेमारी में 1500 करोड रुपये से अधिक नकदी जब्त हुई है। वहीं नोटबंदी के बाद 8 नवंबर से 16 नवंबर तक 316 करोड रुपये कैश जब्त किया जा चुका है जिसमें 80 करोड रुपये नई करेंसी में है। लोगों ने नोटबंदी के बाद अमान्य हो चुके 500 और 1000 के पुराने नोटों को कमिशन देकर व्हाइट में तब्दिल करा लिया और नई करंसी को जमा करना शुरू कर दिया।
साभार-khaskhabar.com






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