भारत ने अणु युग में और सही कहें, तो परमाणु युग में 4 अगस्त, 1956 में उस समय प्रवेश किया जब भारत के पहले परमाणु रिएक्टर ‘अप्सरा’ को चालू किया गया। इस रिएक्टर की डिजाइन और निर्माण भारत द्वारा किया गया था और इसके लिए एक समझौते के अंतर्गत ब्रिटेन ने परमाणु ईंधन की सप्लाई की थी। अनुसंधान उद्देश्यों के लिए हमारा दूसरा रिएक्टर साइरस कनाड़ा के सहयोग से बनाया गया और 1960 के प्रारंभ में संचालित हुआ।






Related Items
बजट में परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने पर है जोर
भारत में जारी है अक्षय ऊर्जा क्रांति, साल 2025 हो सकता है महत्वपूर्ण
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता ने हासिल की नई उपलब्धि