सरकारी नौकरी, इलाज का खर्च व अन्य मांगें मांग रहे थे, पीडि़त पक्ष के लोग
मथुरा। लाइन पर काम करने के दौरान करंट लगने से घायल हुए संविदाकर्मी के परिवारीजनों व चैमुंहा स्थित गांव आझई के लोगों ने सोमवार को बिजली घर चैमुंहा पर काफी देर तक हंगामा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें न मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञात रहे पांच दिन पूर्व आझई में बिजली के खम्भे पर काम करने के दौरान अन्य कर्मचारी द्वारा सिटडाउन के बाद भी लाइन चालू कर देने से आझई निवासी संविदाकर्मी गंगाराम बुरी तरह झुलस गया था, जिसे पहले माहेश्वरी अस्पताल, फिर आगरा तथा यहां से भी गम्भीर हालत में दिल्ली रैफर किया गया था। कर्मचारी मौत और जिंदगी से जूझ रहा है। आझई के लोगों ने शाम को बिजलीघर चैमुंहा पर ताला डाल दिया था। इससे सब स्टेशन से जुड़े गांवों की बिजली गुल हो गई। सात घंटे बाद रात में चैमुंहा के लोगों ने सब स्टेशन पर पहुंच कर ताला तोड़ कर बिजली चालू कराई थी। सोमवार को दोपहर आझई के दर्जनों लोगों ने बिजलीघर पर आकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। घायल का इलाज बिजली निगम द्वारा कराया जाए। घायल का विकलांग सर्टिफिकेट बनवा कर निगम में स्थाई नौकरी दी जाए। ग्रामीण काफी देर तक हंगामा करते रहे। समाचार लिखे जाने तक वार्ता चल रही थी। पीडि़त परिवार अपनी मांगों पर अड़ा था। इस दौरान आझई के प्रधान भगवान सिंह, रूपी, गिरधारी लाल, रवि, रंजीत, धर्मेन्द्र कुमार, सुन्दरलाल, कलुआ, मुनीष, भूपेन्द्र सिंह पूर्व प्रधान, गुलाब सिंह, चन्द्रभान सिंह, गोपाल, अनीता, सीमा, कविता आदि शामिल थी।






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