ब्रजयात्रा करने वाले जीव पर माया नही करती शासनः रमेश बाबा

बरसाना। ब्रज चैरासी कोस की चालीस दिवसीय राधारानी ब्रजयात्रा का शुभारम्भ ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में बरसाना स्थित गौशाला में संकल्प लेकर शुरू हो गयी है। ब्रजयात्रा में करीब पन्द्रह हजार श्रद्धालुओं का समागम है, जबकि गहवरन के पीछे यात्रा ने अपना पड़ाव डाला है। ब्रजयात्रा बरसाना में तीन दिन तक पड़ाव करेंगी। जबकि यात्रा में सर्वाधिक वेस्ट बंगाल के लोग यात्रा कर रहे है। यात्रा के पहले दिन श्रद्घालुओं ने राधाकृष्ण के लीलास्थलों के दर्शनकर अपने आपकोकृतार्थ किया। वहीं यात्रा में सुबह से लेकर शाम तक राधाकृष्ण का संर्कीतन कराया जा रहा है। दिवसीय राधारानी ब्रजयात्रा की शुरूआत विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में शुरू हुयी। श्रीमाता जी गौशाला में रमेश बाबा द्वारा सभी श्रद्धालुओं को गौ मूत्र देकर संकल्प दिलाया कि यात्रा के दौरान यमुना मुक्ति अभियान तथा गांव-गांव सफाई अभियान करेंगे। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं ने ढवाला गांव में स्थित नौबारी चैबारी, रत्नकुण्ड, श्याम शिला, नई गौशाला आदि के दर्शन किये। बरसाना में ब्रजयात्रा का तीन दिवसीय पड़ाव गहवरवन के पीछे है। राधारानी ब्रजयात्रा में सभी श्रद्धालु भगवान मानबिहारी जी के डोले के सानिध्य में चैरासी कोस की यात्रा करेंगे। भगवान मानबिहारी जी के श्रीविग्रहों को डोला में विराजमानकर उन्हें चालीस दिवसीय ब्रजयात्रा कराई जाती है। ठा.मानबिहारी के ब्रजयात्रा पर चले जाने पर उनका सिंहासन भी इतनों दिनों तक सुना रहेगा। ऐसे में खाली पड़े सिंहासन पर लड्डू गोपाल जी को विराजमान किया जाएगा। 

 


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