ब्रज चैरासी कोस की यात्रा के शुभारंभ अवसर पर विशाल शोभायात्रा में शामिल नियम लेकर यात्रा करने वाले श्रद्धालु
मथुरा। गोलोकवासी विट्ठलेश महाराज के चतुर्थ वर्ष पर्यन्त चले रहे विभिन्न धार्मिक आयोजन के अन्तर्गत गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर आचार्य डाॅ. पुरुषोत्तम लाल महाराज की अगुवाई में ब्रज चैरासी कोस की यात्रा का शुभारम्भ किया गया जिसका तीर्थ पुरोहित महासंघ ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। ब्रज चैरासी कोस यात्रा की विशाल शोभा यात्रा आज दोपहर गोपाल पीठ, गोपाल गली, गोपाल मंदिर से प्रारम्भ हुई, जिसमें भारी संख्या में महाराज के शिष्यों ने भाग लिया, सैकड़ों नर-नारियों की हजूम के मध्य चल रहे महाराज के परिवारिजनों का जगह-जगह स्वागत हुआ। मुख्य डोले पर विराजमान गोलोकपति विट्ठलेश महाराज की चित्रछवि का पुष्पवर्षा दुपट्टा आरती उतारकर महाराज का नमन किया गया।
मथुरा। वेदोक्त परम्परा के अनुसार मंत्रोच्चारण के मध्य श्रीयमुना महारानी का पूजन करके श्रीगोपाल वैष्णव पीठ द्वारा ब्रज चैरासी कोस पदयात्रा का शुभारम्भ पुण्य तीर्थ विश्रामघाट से गोपाल मंदिर से निकाली गयी भव्य शोभायात्रा, शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया गया। स्वागत यमुना पूजन के पश्चात् श्री गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर श्री श्री 108 पुरूषोत्तम लालजी महाराज के सान्निध्य में श्रद्घालुओं ने लगायी मथुरापुरी की अन्तगृही परिक्रमा अनन्त श्री विभूषित शुद्घाद्घैत सिद्घान्त के प्रवर्तक जगतगुरू आद्यवैष्णवाचार्य विष्णु स्वामी मतानुयायी वैदिक श्रीगोपाल वैष्णव पीठ माथुर चतुर्वेद कुलगुरू गोलोकवासी श्रीगोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर वेदमूर्ति श्रीविट्ठलेश जी महाराज की स्मृति में श्रीगोपाल आधि दैविक आदर्श ब्रज मण्डल चैरासी कोस दर्शन यात्रा के पचास वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अमृतानन्द यात्रा महोत्सव के रूप में आज श्री गोपाल मंदिर, गोपाल गली से ब्रज चैरासी कोस यात्रा का शुभारम्भ शोभायात्रा के रूप में मध्यान्ह काल हुआ।
पुण्य तीर्थ विश्राम घाट पर वेद ध्वनि के मंत्रों द्वारा श्री यमुना महारानी का पूजन अर्चन करके पंचामृत अभिषेक व महाआरती की गई। सभी श्रद्घालुओं ने महाराज जी के सान्निध्य में 45 दिवसीय यात्रा के लिए नियम ग्रहण किया। यात्रा गंगा देवी, प्राचीन केशवदेव, श्रीनाथ जी मंदिर, स्वेत वाराह, आदि वाराह, कालियमर्दन, द्वारिकाधीश, यमुना जी हवेली दर्शन करते हुए पुण्य तीर्थ विश्राम घाट पर सम्पूर्ण हुई। ब्रज चैरासी कोस की यात्रा जीवों का उद्घार करने वाली है। इसके चैरासी कोस भ्रमण करने से चैरासी लाख योनियों से मुक्ति प्राप्त होती है। अतरू मनुष्य मात्र को ब्रज यात्रा करना परम सिद्घ होता है। तथा मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। यात्रा का सम्पूर्ण शोभा यात्रा मार्ग एवं अन्तगृही परिक्रमा मार्ग में पग-पग पर भव्य पुष्प वर्षा करके मथुरा की कुंज गलियों में घर-घर से स्वागत किया गया। श्री गोपाल जी महाराज के स्वागत के लिए सम्पूर्ण क्षेत्र की जनता आतुर थी। कल आज प्रातः यात्रा का प्रस्थान गोपाल मंदिर से 11 बजे मधुवन के लिए होगा। इस अवसर पर यात्रा श्री गोपाल मंदिर परिवार के श्री गोपाल बाबा, श्रीकुंज किशोर जी भूरा बाबा, यदुनन्दन जी लाला बाबा, मकरन्द बाबा, सौरभ बाबा, पवन बाबा, प्रमुख समाजसेवी दीनानाथ जी गिरधर मुरारी परिवार, ब्रह्मानन्द चतुर्वेदी ब्रजबिहार, महावीर चतुर्वेदी, विजयचन्द्र बड़े चैबे जी, देवो पंडित, गणेश पंडित, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, महेश जी चतुर्वेदी एडवोकेट, गणेश चतुर्वेदी बंैक वाले, वंशीधर कांटे वाले, दीनानाथ तिवारी, वीरो काका, पुरूषोत्तम तिवारी, रामदास चतुर्वेदी आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।





