गोवर्धन के ग्राम मुड़सेरस में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास प्रवक्ता सविता बहिन का स्वागत करते समाजसेवी भूरा सिंह गुर्जर व अन्य
ज्ञान, प्रेम और आध्यात्म का दीपक जलायें
मथुरा। गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम मुड़सेरस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रवचन करते हुए व्यास सबिता बहिन बताया कि श्रीमद्भागवत कथा पुराणों में श्रेष्ठ है, यही वैराग्य प्राप्ति करने का सहज माध्यम है। विश्व में भारत की धरा सर्वश्रेष्ठ है। क्योंकि इसी धरा पर केवल भगवान अवतरित हुए हैं। यहां की मिट्टी ऋषि मुनियों व महापुरूषों की है। लेकिन वर्तमान में हिन्दुस्तान में पश्चिमी संस्कृति की नई-नई परंपराएं पनपती जा रही हैं। लोग जन्मदिन पर मोमबत्ती बुझाकर अपना जन्मदिन मनाते हैं। भारतीय संस्कृति में दीपक बुझाना अपशगुन होता है। जन्मदिन के शुभ अवसर पर ज्ञान, प्रेम और आध्यात्म का दीपक जलाना चाहिए। यही हमारी जीवन पद्धति और संस्कृति है। उन्होंने कहा कि ईंधन का कितना भी ढेर हो यदि आग की जरा सी चिंगारी उसमें लग जाये तो सारा ईंधन राख हो जाता है। यदि इसी तरह ईश्वर के नाम का आश्रय लिया जाये तो सारे पाप जलकर राख हो जाएंगे। भगवान अपने भक्तों को सुख प्रदान करने के लिए अवतार लेते हैं। भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान ने नृसिंह का रूप धारण किया। इस मौके पर व्यासपीठ का स्वागत भान सिंह, भूरा गुर्जर ने किया। प्रसाद वितरण स्वामी रविन्द्रानंद जी महाराज के निर्देशन किया गया। इस मौके पर हरीराम मास्टर, लेखराम गुर्जर, देवला गुर्जर, रामेश्वर गुर्जर, जेपी राजपूत, मुन्नी देवी, बच्चू ठाकुर आदि थे।






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