ब्राह्मण सेवा संघ एवं स्वरूप किशोरी शरण सरकार ने दिया अभियान को समर्थन
15 मार्च की पदयात्रा की जनजागरूकता के लिये मथुरा में निकाली रैली
यमुना भक्त जनसम्पर्क करते हुए
मथुरा। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में अब सिर्फ 4 दिन शेष है अभियान के कार्यकर्ताओ द्वारा प्रचार को तूफानी गति दे दी गई है। अभियान के प्रचार के चलते अभियान के कार्यकर्ताओं द्वारा जनसभा, बैठक, सघन जन संपर्क कर लोगो को अभियान से जोडा जा रहा है। अभियान के चल रहे प्रचार रथों के द्वारा गांव गांव जा ब्रजवासीयों को जाग्रत किया जा रहा है। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संस्कृति सचिव आचार्य रमेश कृष्ण शास्त्री द्वारा कोसी के ओर पास के क्षेत्रों में प्रचार प्रसार किया गया। उन्होने क्षेत्रवासियों से यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने की अपील करते हुये कहा कि हर कुर्बानी के तैयार होकर हम सभी को पदयात्रा में चलना होगा। ब्रज में यमुना लौटे अब इस हठ के साथ यमुना भक्तों द्वारा अब यमुना मुक्ति के लिये होने वाले रण की तैयारियों में लग गये। रण में यमुना भक्तों ने अपने हथियारों और धार दे तेज करने प्रारम्भ कर दिये। यमुना भक्तों द्वारा अब इस जंग के लिये अपने तरकस में तीर भरने प्रारम्भ कर दिये है। यमुना मुक्तिकरण अभियान ने 15 मार्च की पदयात्रा व 14 मार्च की तैयारियों को अभियान द्वारा मूर्त रूप देना प्रारम्भ कर दिया है। साधु सन्तों, भागवताचार्यो, ब्रजवासियों, यमुना भक्तों, वैष्णवों के द्वारा यमुना के निर्मल स्वरूप को देखने की चाह अब प्रबल हो चुकी है। यमुना भक्तों के हृदय में यमुना मुक्ति के लिये जल रही ज्वाला अब ब्रज वृन्दावन में यमुना के अविरल स्वरूप के दर्शन कर ही शान्त होगी। यमुना मुक्तिकरण अभियान के कार्यकर्ताओं द्वारा तैयारियों रूप अब मूर्त रूप देना प्रारम्भ कर दिया गया है। अभियान के निहाल सिंह जी द्वारा गोवर्धन में स्वरूप किशोरी सेवाकुंज आश्रम के स्वरूप किशोरी शरण सरकार से मुलाकात की उन्होने अभियान को समर्थन साथ ही उन्होने खुद अभियान के प्रचार से जुड कर 15 मार्च को कोसी से होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को लेकर अभियान के प्रचार रथ के साथ प्रचार करते हुये कई महन्त, महामण्डेलेश्वर से मुलाकात अभियान में सम्मिलित होने का आह्वन किया और एकल विद्यालय अभियान के अध्यक्ष कैप्टन हरिहर शर्मा को अभियान में सम्मिलित किया गया। 10 मार्च मंगलवार को ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वाधान में यमुना मुक्तिकरण अभियान के समर्थन में एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें संत, मंहत, श्रीमद् भागवत कथा प्रवक्ता एवं विप्र वर्ग ने एक स्वर से यमुना मुक्ति आन्दोलन को समर्थन दिया साथ ही 14 को कोसी में होने वाली महापंचायत व 15 मार्च को चलने वाली पदयात्रा में भारी संख्या बल के साथ सम्मिलित होने का निर्णय भी सर्व सम्मति से ब्राह्मण सेवा संघ द्वारा लिया गया। वृन्दावन के गोधूलिपुरम स्थित वैष्णव कृपा निकेतन में आयोजित संगोष्ठी सभा की अध्यक्षता करते हुये पं. चन्द्र लाल शर्मा ने कहा कि मांॅ यमुना हमारी माँ है, माँ अपने बच्चों का लालन पालन त्याग एवं वात्सल्य से करती ह तो पुत्रों का भी कर्तव्य है कि रूग्ण अथवा क्षीण होने पर अपनी माँ की सेवा में प्राण प्रण से जुट जायें। डाॅ. राम कृपाल त्रिपाठी एवं महेश बाबा ने कहा कि आज समय आ गया है कि हम सभी आपसी मतभेद भुलाकर इस आन्दोलन को सफल बनायें तथा कृष्ण प्रिया कालिन्दी को प्रदूषण रूपी कालियनाग से मुक्त करायें। इस अवसर पर डाॅ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी एवं अशोक शर्मा अज्ञ ने अपने मर्म स्पर्शी एवं जोशीले काव्य पाठ द्वारा यमुना मैया की पीड़ा से उपस्थित जनों के हृदय को झकझोर दिया। सभा के अन्त में 14 मार्च को कोसी पहुॅच कर आन्दोलन में भाग लेने की घोषणा की गई। सभा में आचार्य आनन्द वल्लभ गोस्वामी, रामजीवन शर्मा, प्रिया शरण, भक्तमाली, स्वामी शेषानन्द, डाॅ ब्रजकिशोर गोस्वामी, चन्द्रमणी पाण्डेय, पं. मदन मोहन, जगदीश प्रसाद मिश्र, विमल चैतन्य, सत्यभान शर्मा, सुरेश उपाध्याय पुराणाचार्य, जानकी शरण, राममूर्ति सारस्वत, कपिल देवाचार्य, ब्रह्मर्षि श्यामसुन्दर उपाध्याय, महंत वृन्दावन दास, आनन्द बिहारी गोस्वामी, दामोदर शास्त्री, सुरेश बाबू द्विवेदी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। 11 मार्च को मथुरा नगर में पदयात्रा में शामिल होने के लिये आम जनता के जागरण हेतु एवं 15 मार्च की पदयात्रा में सम्मिलित होने के लिये मथुरा वासियों से अपील करने के लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान की मथुरा नगर ईकाई द्वारा श्री गोपाल मन्दिर से गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर डाॅ0 पुरूषोत्तम लाल जी के नेतृत्व में मथुरा के हृदय स्थल मध्य शहर, गोपाल शर्मा, शीतला पाहसा, रतन कुण्ड, राजा पहेसा, गली पी पंच, चैबच्चा, मानिक चैक आदि क्षेत्रों में व्यापक जन सम्पर्क एवं जन जागरण किया गया। रैली में चल रहे यमुना भक्तों द्वारा शहर के लोगो से यमुना ब्रज में पुनः वापस लाने के 15 मार्च के निर्णायक आन्दोलन में सहभागिता करने का आवह्न किया गया। इस अवसर पर अभियान के श्याम चतुर्वेदी, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, भाकियू भानू के महेन्द्र राजपूत, कुन्ज किशोर, यदुनन्दन लाला बाबा, मकरन्द बाबा, रामदास चतुर्वेदी, रामकिशन पाठक, अमित चतुर्वेदी, अनिल शास्त्री, आदि प्रमुख रूप उपस्थित रहे।






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