मथुरा। जहरीली नदियों द्वारा सिंचाई के आगे बौने साबित हुए मैगी नूडल्स के मुद्दे ने आखिर सरकार को नरम होने पर मजबूर कर दिया। डा. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में 5 जुलाई 2015 ‘मैगी कहर बनाम नदी जहर’ आयोजन में प्रधानमंत्री समेत मैगी प्रतिबंधित राज्यों को प्रेषित आरटीआई ने मैगी माफी का रास्ता आसान कर दिखाया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डा. सुरेश चन्द्र शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा द्वारा मीडिया को दिये गये बयान अनुत्तरित आरटीआई के दूरगामी नतीजों से प्रभावित हैं। आरोप लगाया कि सीवरमुक्त नदियों की गंभीरता के मद्देनजर सरकार ने मैगी मालिकों समेत ब्राण्ड अम्बेसडरों से जा हाथ मिलाया। महिलाओं के सवाल पर सिने तारिका माधुरी दीक्षित को ब्राण्ड अम्बेसडर के मिले तोहफे ने इसे बखूबी साबित कर दिखाया है। डा. शर्मा ने राजनेताओं और अभिनेताओं के गठबंधन को देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि नदियों के जहर से जहां करोड़ों लोगों की जिंदगी मौत कके शिकंजे में कसती जा रही है। वहां गठबंधन की राजनीति उन्हें अंधेरे में रखने का षडयंत्र रच रही है।





