वृंदावन धाम में राधा अष्टमी पर भव्य कार्यक्रम हुआ और पूरा धाम राधामय हो गया। आप भी देखिए कार्यक्रम की मनोहारी तस्वीरें। राधा जन्मोत्सव पर पूरे वृंदावन को दुल्हन की तरह सजाया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश-विदेश से जन सैलाब उमड़ पड़ा।यहाँ के श्री राधा वल्लभ मंदिर में यह उत्सव बड़े धूम धाम से और बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है ।कई दिन पहले से ही यहाँ राधा रानी के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं । श्री राधाबल्लभ मंदिर से चाव (डोला सवारी) निकाली गयी ।मंदिर प्रांगण में सुबह से ही सुन्दर कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही। सुमधुर समाज गायन हो रहा है और बधाइयां गाई गईं। भक्त भाव विभोर मस्ती में नाच रहे थे। राधे मेरी स्वामिनी अरू मैं राधेजू को दासजनम जनम मोहे दीजियो श्रीवॄन्दावन वास । राधा प्यारी ने जनम लियो है ।वृषभानु दुलारी ने जनम लियो है ।। मरनो हो तो मैं मरूं, श्री राधेजू के द्वार।कभी तो लाडिली पूछेंगी,ये कौन पडो दरबार॥ ब्रज की रज में लोटकर, यमुना जल कर पान ।श्री राधा-राधा रटते ही या तन सों निकलें प्रान ॥ भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूम रहे थे, नाच रहे थे। देश-विदेश से भक्तों ने राधा अष्टमी से पहले ही वृंदावन में डेरा डाल लिया था और जैसे ही सुबह से कार्यक्रम की शुरूआत हुए पूरे शहर में भक्तों का रेला ही रेला नजर आ रहा था। भक्ति में सभी सराबोर थे। बुजुर्ग हों या महिलाएं या फिर बच्चे, भजनों पर झूमते नजर आ रहे थे। मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों में होड़ हो रही थी। प्रशासन को भी व्यवस्था बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक लोग भक्ति में सराबोर रहे। जगह-जगह भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण कार्यक्रम चलता रहा।
साभार-khaskhabar.com






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