सामाजिक सुरक्षा की नई सुबह है बैंकिंग व्यवस्था में समावेशन

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के सोगादा गांव को प्रकृति ने बहुत सुंदर बनाया है। यह गांव पहाड़ियों से घिरा है। लेकिन, पहाड़ियों से घिरा होना इस गांव के लोगों के लिए परेशानियों का सबब भी है। इस विषय में गांव की रोशनी बाई से पूछिए। इस गांव के सबसे पास का बैंक 15 किलोमीटर दूर है और इस वजह से यहां तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच नहीं थी। आजादी के बाद से सरकारें आती-जाती रहीं लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा कि रोशनी बाई को बैंकिंग व्यवस्था के अंदर कैसे लाया जाए, ताकि खुद की तरक्की के साथ राष्ट्र निर्माण में वह भी अपना योगदान निभा सके।


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