सुभाष चंद्र बोस के जीवन का एक ही लक्ष्य था, देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराना। इसी उद्देश्य को लेकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महात्मा गांधी और उनके बीच हुई एक बातचीत हमारे गौरवशाली इतिहास की धरोहर है।
सुभाष चंद्र बोस के जीवन का एक ही लक्ष्य था, देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराना। इसी उद्देश्य को लेकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महात्मा गांधी और उनके बीच हुई एक बातचीत हमारे गौरवशाली इतिहास की धरोहर है।
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